54 ventilator like dead in the lack of operator
विशेषज्ञ कोरोना की तीसरी लहर आने की आशंका जता रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग हालात से निपटने के लिए इंतजाम पूरे नहीं कर सका है। यह लापरवाही लोगों की जान पर भारी पड़ सकती है। शासन की तरफ से मेडिकल कॉलेज और सीएचसी को मिलाकर जिले को कुल 54 वेंटीलेटर दिए गए हैं, लेकिन इनके संचालन के लिए एक भी टेक्नीशियन नहीं हैं। जिले में एक भी प्रशिक्षित टेक्नीशियन नहीं हैं जो जरूरत पड़ने पर मरीजों को वेंटीलेटर की सुविधा मुहैया करा सकें। जिले में बेहोशी के महज तीन डॉक्टर और दो ओटी टेक्नीशियन की ही तैनाती है।
शासन ने कोरोना के चलते बीते वर्ष पीएम केयर फंड से मिले 54 वेंटीलेटर जिले को उपलब्ध कराए गए थे। टेक्नीशियन व डॉक्टरों की तैनाती न होने से उन्हें अब तक चालू नहीं किया जा सका है। इस वजह से कोरोनाकाल में गंभीर मरीजों को प्रयागराज रेफर करना पड़ता था। कभी-कभी तो कई मरीज ऐसे होते हैं जिनकी स्थिति काफी गंभीर होती है। उन्हें तत्काल वेंटीलेटर की जरूरत होती है, लेकिन अस्पतालों में उन्हें सुविधा नहीं मिल पाती है। स्वास्थ्य विभाग के अफसर इसे लेकर लापरवाह बने हुए हैं। अगर स्वास्थ्य विभाग ऐसे ही तैयारियां करता रहा तो कोरोना की तीसरी लहर में भी लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
अस्पतालों में वेंटीलेटर के संचालन के लिए चिकित्सकों के साथ टेक्नीशियन की डिमांड शासन से की गई है। उम्मीद है कि जल्द ही टेक्नीशियन के साथ चिकित्सक भी मिल जाएंगे।-डॉक्टर सीपी शर्मा, एसीएमओ