किसानों की कर्जमाफी की फरियाद अधिकारी ठुकरा रहे हैं। समाधान दिवस और अधिकारियों से मिलकर कर्जमाफी के दायरे में लाने की फरियाद करने वाले 5013 किसानों का निस्तारण दो माह बाद भी नहीं हुआ है। इससे किसान कभी बैंक, तो कभी अधिकारी के कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं।
किसानों का कर्ज माफ करने में विभागीय अधिकारी कितनी उदासीनता बरत रहे हैं, इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है। 31 दिसंबर तक जिले के 5013 किसानों ने समाधान दिवस और अधिकारियों के माध्यम से शिकायत करके यह दावा किया कि मानक में आने के बाद भी उन्हें कर्जमाफी के दायरे में नहीं लाया गया है।
नोडल अधिकारी उपकृषि निदेशक को यह शिकायत मिलने के बाद उन्होंने संबंधित तहसील और बैंक से रिपोर्ट मंगाई। सोमवार को हुई समीक्षा बैठक में जब उपकृषि निदेशक ने इस बात का खुलासा किया तो डीएम ने नाराजगी प्रकट करते हुए तहसीलों से अविलंब रिपोर्ट तलब की है। सवाल यह उठता है कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली इस योजना को लेकर अधिकारी इतनी लापरवाही बरत रहे हैं, तो अन्य विभागों की शिकायतों का निस्तारण कैसे होगा। फिलहाल डीएम ने जो रुख अख्तियार किया है, उससे लगता है कि जल्द ही किसानों को राहत मिल सकती है।