फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

5.50 लाख उपभोक्ताओं को प्रधानमंत्री गरीब अन्न योजना के तहत नहीं मिलेगा गेहूं

विज्ञापन
5.50 lakh consumers will not get wheat under the Pradhan Mantri Garib Anna Yojana
विज्ञापन
िजिले के 5.50 लाख उपभोक्ताओं को अब प्रधानमंत्री गरीब अन्न योजना के तहत गेहूं नहीं मिलेगा, बल्कि चावल से काम चलाना होगा। दूसरे चरण में मिलने वाले राशन में भी गेहूं की मात्रा घटा दी गई है। अब एक यूनिट पर तीन किग्रा चावल और दो किग्रा गेहूं मिलेगा। जिले में गेहूं का आवंटन घटने के कारण विभाग ने मई माह के राशन में उपभोक्ताओं को चावल अधिक मिलेगा।
विज्ञापन

जिले में 5.50 लाख उपभोक्ताओं को मई से सितंबर माह तक सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों से चावल अधिक मात्रा में मिलेगा, जबकि गेहूं की मात्रा घटा दी गई है। जिले में इस माह में गेहूं का आवंटन घटा दिया गया है। जबकि गेहूं की भरपाई करने के लिए चावल की मात्रा बढ़ा दी गई है। प्रति माह दो चरणों में उपभोक्ताओं को मुफ्त में राशन मिल रहा है। पहले चरण में प्रधानमंत्री गरीब अन्न योजना के तहत मिलने वाले राशन में अभी तक प्रति यूनिट पांच किग्रा राशन मिलता था।
जिसमें तीन किग्रा गेहूं और दो किग्रा चावल मिलता था। मगर मई माह में गेहूं का आवंटन घटने से अब उपभोक्ताओं को एक यूनिट पर पांच किग्रा चावल मिलेगा। हालांकि राशन के साथ में चना, रिफाइंड और नमक मुफ्त में मिलता रहेगा। इसमें कोई कटौती नहीं की गई है।
विज्ञापन

दूसरे चरण में पात्र गृहस्थी योजना के तहत मिलने वाले प्रति यूनिट राशन में अभी तक तीन किग्रा गेहूं और दो किग्रा चावल मिलता था। मगर मई माह में उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट दो किग्रा गेहूं और तीन किग्रा चावल मिलेगा। जिले में वितरण की यह व्यवस्था सितंबर माह तक जारी रहेगी।
चावल महंगा होने से होती थी अधिक मांग
सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों से बंटने वाले राशन में ग्रामीण इलाकों में चावल की अधिक मांग होती थी। दरअसल, ग्रामीण इलाकों के अधिकांश परिवार चावल की खेती नहीं करते हैं। इससे उन्हें खुले बाजार से खरीदना पड़ता था। इसलिए वह कोटेदारों से गेहूं के बजाय चावल की अधिक मांग करते थे। नए आवांटन में चावल अधिक आने से अब उपभोक्ताओं की मांग आसानी से पूरी हो जाएगी।
मई माह में वितरण होने वाले राशन में उपभोक्ताओं को चावल अधिक मिलेगा। शासन से गेहूं का आवंटन कम होने के कारण उपभोक्ताओं को गेहूं कम मिलेगा। हालांकि उपभोक्ताओं को प्रति माह मिलने वाली मात्रा में कोई कटौती नहीं की गई है।
विज्ञापन

एसके पांडेय , एआरओ, जिला आपूर्ति विभाग
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें