जिले के लगभग 45,000 एटीएम कार्डों पर ताला लग गया है। एक जनवरी से एटीएम में जनरेट हुआ नया साफ्टवेयर पुराने एटीएम कार्ड को स्वीकार नहीं कर रहा है। अब सिर्फ चिप लगे एटीएम ही काम कर रहे हैं। पुराने एटीएम कार्ड से रुपये नहीं निकलने से ग्राहक परेशान हैं। बैंकों से मिलने वाले चिप लगे एटीएम कार्ड से ग्राहकों को स्वयं चार अंकों का पिन कोड बनाना पड़ रहा है। इसके लिए ग्राहकों को रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर देना आवश्यक है।
नए साल में पुराने एटीएम कार्डों ने काम करना बंद कर दिया है। ऐसे में उन ग्राहकों की परेशानी बढ़ गई है, जो जिले में खाता खोलवाने के बाद एटीएम कार्ड लेकर बाहर नौकरी कर रहे है। अब इन ग्राहकों को केवाईसी देने के बाद ही नया चिप लगा एटीएम मिलेगा। बैंक अफसरों की मानें तो नए साल में पुराने एटीएम कार्ड अधिकांश मशीनों में काम नहीं कर रहे हैं। ग्राहकों के साथ आए दिन होने वाली धोखाधड़ी को रोकने के लिए एक जनवरी से चिप लगा एटीएम कार्ड मुहैया कराया जा रहा है।
अभी तक एटीएम कार्ड ग्राहकों के घर रजिस्टर्ड डाक से आता था और पिन कोड बैंक शाखा से लेना होता था, मगर अब ऐसा नहीं होगा। बैंक से एटीएम कार्ड मिलने के बाद ग्राहक को स्वयं गुप्त कोड एटीएम में बनाना होगा। इसके लिए ग्राहक को खाते में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर को साथ रखना होगा। दरअसल में एटीएम में पिन कोड बनाते समय मोबाइल पर ओटीपी आएगा और उसी नंबर को डायल करने पर एटीएम सक्रिय हो जाएगा। जिले में अभी लगभग 45,000 ग्राहक ऐसे हैं, जिनके हाथ नया एटीएम कार्ड नहीं पहुंचा है।
मैसेज भेजने के बाद भी नहीं लिया नया कार्ड
शहर और गांव के अधिकांश ग्राहक ऐसेे हैं, जो मोबाइल पर मैसेज भेजने के बाद भी नया एटीएम कार्ड लेने के लिए नहीं आए। दरअसल, अधिकांश ग्राहकों ने मोबाइल नंबर बदल दिया है, मगर उन्होंने बैंकों को सूचना नहीं दी है। ऐसे में उनका एटीएम कार्ड आने के बाद भी शाखा में पड़ा हुआ है।
जिन लोगों को अभी तक चिप लगा एटीएम कार्ड नहीं मिला है, वे केवाईसी देकर नया एटीएम कार्ड प्राप्त कर सकते हैं। अगर नियमित रूप से लेनदेन कर रहे हैं, तो एटीएम कार्ड शाखा से प्राप्त करके अपना पिन कोड स्वयं बना लें। जीपी निगम, चीफ मैनेजर, एसबीआई।