गर्मी बढ़ते ही जिले की बिजली व्यवस्था चरमराई गई है। जगह-जगह लोकल फॉल्ट और फीडर फुुंक रहे हैं। खपत बढ़ने से आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उधर, जिले को मानक के अनुरूप बिजली की आपूर्ति नहीं हो रही है। 33 हजार केवीए की लाइन पर महज 27 हजार केवीए की आपूर्ति हो रही है। इससे अंधाधुंध कटौती के साथ उपभोक्ता लो वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे हैं।
जिले में रानीगंज, लालगंज, कुंडा व सदर विद्युत वितरण पारेषण केंद्र के तहत कुल 67 उपकेंद्र हैं। जिले में कुल छह लाख से अधिक उपभोक्ता हैं। यह संख्या घरेलू व कामर्शियल दोनों की है। शहर मेें 24 घंटे व गांव में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का रोस्टर है। पंजीकृत उपभोक्ताओं के हिसाब से उपकेंद्रों की संख्या अभी कम है। इससे उपकेंद्रों पर अतिरिक्त लोड बना रहता है। गर्मी के दिनों में यह समस्या और गहरा गई है।
दरअसल, गर्मी से पहले आपूर्ति व्यवस्था सुचारु रूप से बनाए रखने के लिए जर्जर तार, फीडर, ट्रांसफार्मर के साथ ही पैनलों को दुरुस्त किया जाता है। जिससे खपत व लोड बढ़ने पर व्यवस्थित ढंग से आपूर्ति की जा सके। अफसरों ने गर्मी शुरू होने से पहले इस पर गंभीरता से काम नहीं किया। अब गर्मी में खपत के साथ ही लोड भी बढ़ गया है। जिससे मानक के अनुरूप एचटी व एलटी लाइनों पर आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
33 हजार केवीए की लाइन पर सिर्फ 27 हजार केवीए की सप्लाई की जा रही है। ऐसा सिर्फ अपनी नाकामी छिपाने के लिए किया जा रहा है। जिससे जर्जर तारों व फीडर में खराबी न आए। रानीगंज, पट्टी, लालगंज, कुंडा व सदर क्षेत्र में ऐसे दर्जनभर उपकेंद्र व फीडर हैं, जिन पर अधिक लोड होने से लो-वोल्टेज की दिक्कत है। शहर के रूपापुर उपकेंद्र से जुड़े दर्जनभर मोहल्लों में आए दिन लो वोल्टेज की समस्या से लोगों को जूझना पड़ रहा है। पानी की सप्लाई सुचारु रूप से नहीं हो पाती।
पंखे-कूलर लो वोल्टेज की वजह से ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। रानीगंज उपकेंद्र के डेढ़ दर्जन गांव लो वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे हैं। पट्टी, दिलीपपुर, पांडेयतारा उपकेंद्र से जुड़े करीब एक दर्जन से अधिक गांवों में भी लो वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। रात में गांवों में अंधेरा छाया जाता है। लोग रतजगा करने के लिए मजबूर हैं।
इसी तरह लालगंज व कुंडा क्षेत्र में भी लो वोल्टेज की समस्या है। इस बारे में एसडीओ एसके पटेल का कहना है कि गर्मी में खपत बढ़ गई है। वहीं, लाइनों पर लोड भी बढ़ गया है। जिससे लो वोल्टेज व फीडर में खामी जैसी दिक्कतें आ रही हैं। शिकायत मिलने पर समस्याएं दूर कराई जा रही हैं।