मेडिकल कॉलेज के नए भवन में 25 बेड का आईसीयू वार्ड बनकर तैयार हो गया है। इस वार्ड का शुभारंभ 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) को होने की उम्मीद है। अब आईसीयू के मरीजों को प्रयागराज रेफर नहीं किया जाएगा। उन्हें मेडिकल कॉलेज में ही बेहतर इलाज मिल सकेगा।
मेडिकल कॉलेज में आईसीयू की व्यवस्था न होने के कारण प्रतिदिन औसतन 15 मरीजों को प्रयागराज रेफर किया जाता है। ह्रदय रोगियों के साथ ब्रेन हैमरेज, सिर की चोट के मरीजों को चिकित्सक प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर देते थे। इससे मरीज और उनके परिवार के सदस्य को परेशान होना पड़ता है। इस समस्या को देखते हुए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव ने नए भवन के दूसरे तल पर 25 बेड का आईसीयू वार्ड तैयार कराया है।
वार्ड में ऑक्सीजन की पाइप लाइन बिछाने का कार्य अधूरा है। बाकी कार्य पूरा हो गया है। वेंटिलेटर को लगाना है। सीएमएस डॉ. शैलेंद्र कुशवाहा ने कहा कि प्रयास है कि अधूरे कार्य को जल्द पूरा कर 15 अगस्त तक आईसीयू वार्ड का संचालन शुरू कर दिया जाए। इससे मरीजों को रेफर नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सभी प्रकार की जांचे मेडिकल कॉलेज में होने लगी है। सीटी स्कैन के लिए अब तक रेफर करना पड़ता था, लेकिन अब सीटी जांच भी होने लगी है।