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खोजे नहीं मिल रहा स्ट्रेचर, पिता को गोद में तो मां को टूट व्हीलचेयर से लेकर भटक रहे तीमारदार

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मेडिकल कालेज में स्ट्रेचर न मिलने पर वृद्ध मां को गोद में उठाकर ले जाता युवक। संवाद - फोटो : PRATAPGARH
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जिला अस्पताल के उच्चीकृत कर मेडिकल कॉलेज बनाए जाने के बाद भी सुविधाओं का टोटा है। मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीजों को स्ट्रेचर खोजे नहीं मिल रहा। तीमारदार अपने मरीजों को गोद में उठाकर वार्ड या जांच कराने के लिए भटक रहे हैं। यह देखते हुए भी जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे हुए हैं।
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मेडिकल कॉलेज के राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय में सोमवार को अंतू थाना के धरौली दांदूपुर की रहने वाली अनारा देवी को लेकर परिजन आए थे। उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। इमरजेंसी के चिकित्सक उन्हें भर्ती कर मेडिकल वार्ड में ले जाने के लिए परिजनों को बोल दिए। डॉक्टरों ने हिदायत दी कि मरीज को पैदल लेकर नहीं चलना है। ऐसे में अनारा देवी का बेटा इमरजेंसी में रखे व्हीलचेयर से लेकर मां को मेडिकल वार्ड के लिए निकल पड़ा।
ऑपरेशन रूम के पास पहुंचा ही था कि उसका पहिया निकल गया और अनारा नीचे गिर गई। अनारा देवी की बहू उसे वार्ड में लेकर चली गई। कैबिनेट मंत्री मोती सिंह के गृह क्षेत्र मंगरौरा के बाहूपुर निवासी राम अजोर की हालत बिगड़ने पर परिजन उसे लेकर इमरजेंसी आए थे। काफी देर तक स्ट्रेचर खोजते रहे। मगर स्ट्रेचर नहीं मिला। मजबूरन में गोद में उठाकर राम अजोर को लेकर परिजन इमरजेंसी पहुंचे।
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इसी तरह तमाम लोग स्ट्रेचर ओर ब्हील चेयर के लिए परेशान दिखे। मगर जिम्मेदार इससे पूरी तरह से अंजान बने रहे। सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जिला अस्पताल को उच्चीकृत कर मेडिकल कॉलेज का दर्जा शासन ने दे दिया है। अस्पताल का नाम बदलकर राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय कर दिया है। इसके बावजूद सुविधाओं का टोटा है।
सोमवार का दिन होने के कारण मरीजों की भीड़ अधिक हो गई थी। हाथ पैर जिन मरीजों का टूटा होता है तीमारदार स्ट्रेचर लेकर मरीजों को उसी पर लेटा देते हैं। स्ट्रेचर की व्यवस्था अपने पास है। कुछ ऐसे लोग हैं जो जल्दबाजी में स्ट्रेचर नहीं खोजते हैं। उक से दूसरे वार्ड में मरीजों को सिफ्ट न कराने वाले वार्ड ब्वाय के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। व्हील चेयर की खरीदा जाएगा। डॉ. सुरेश सिंह, सीएमएस

मेडिकल कालेज में टूटे व्हील चेयर का पहिया हाथ में लेकर वृद्ध मां को सम्हालते तीमारदार। संवाद- फोटो : PRATAPGARH

मेडिकल कालेज में स्ट्रेचर न मिलने पर वृद्ध को गोद में उठाकर इमरजेंसी कक्ष में ले जाता युवक। संवाद- फोटो : PRATAPGARH

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