मां सिद्धिदात्री की आराधना के साथ ही शारदीय नवरात्र का समापन हुआ। नवरात्र के दौरान जिले के विभिन्न अस्पतालों में कुल 144 कन्याओं ने जन्म लिया। किसी के घर में दशकों बाद बेटी का जन्म हुआ तो कहीं पीढ़ियों के बाद बेटी की किलकारी गूंजी। परिजनों ने कहा कि साक्षात देवी का घर में आगमन हुआ है।
महिला अस्पताल में नवरात्र के दौरान कुल 103 कन्याओं ने जन्म लिया। सीएमएस डाॅ. रीना प्रसाद ने कन्याओं का चुनरी उड़ाकर स्वागत किया। इसके अलावा क्षेत्रीय स्वास्थ्य केंद्रों पर भी बेटियों की किलकारी गूंजी। महिला अस्पताल में 102 लड़कों व 103 लड़कियों का जन्म हुआ। वहीं, रानीगंज सीएचसी में नौ बालक व 15 बालिकाओं ने जन्म लिया। गौरा सीएचसी में छह लड़कों और 15 लड़कियाें का जन्म हुआ। कोहड़ौर सीएचसी में छह बालक तो 11 बालिकाओं ने नवरात्र में पावन धरा पर कदम रखा।
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घर में बिटिया आई है। नवरात्र में देवी ने प्रसाद दिया है। हम सबको बहुत खुशी है। अपनी बेटी का बेटों की तरह ही पालन-पोषण करेंगे। बेटियां बेटों से कम नहीं है।
प्रिया, महेवा मलकिया
नवरात्र में कन्या का जन्म होना शुभ संकेत है। यह उत्सव का दिन है। नवरात्र ही नहीं बल्कि किसी भी समय बेटी का जन्म होता है तो वह शुभ हो जाता है। अपनी बेटी को बेहतर शिक्षा दिलाएंगे।
कुसुम, मवैया कला रानीगंज
मुझे पुत्री रत्न की प्राप्ति हुई है। बहुत खुशी हो रही है। अपनी बेटी को बेहतर पोषण व शिक्षा उपलब्ध कराकर अपने पैरों पर खड़ा होने लायक बनाऊंगी।
नेहा रैनी सतखरिया रानीगंज