सेवानिवृत्त रेलकर्मी के खाते से अलग-अलग दिनों में फर्जी चेक के जरिए 12.67 लाख रुपये निकाल लिए गए। इसकी जानकारी होने के बाद उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। आरोप है कि शिकायत करने पर बैंक प्रबंधक ने उसे धमकाते हुए भगा दिया। एडीजी जोन प्रयागराज से शिकायत के बाद लालगंज पुलिस ने प्रबंधक व कैशियर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
लालगंज कोतवाली के वैदा का पुरवा लीलापुर निवासी रामनारायण शारदा प्रसाद शुक्ला मुंबई में रेल विभाग में कार्यरत थे। सेवानिवृत्त होने के बाद वह गांव आकर रहने लगे। उन्होंने लीलापुर स्थित स्टेट बैंक में अपना बचत खाता खुलवाया था। लेनदेन के लिए चेकबुक भी ले रखी थी। चेक की मूल प्रति उनके पास रहते हुए भी उनके बचत खाते से 25 अप्रैल से 2 मई 2022 के बीच 12,67,950 रुपये निकाल लिए गए। बैंक से स्टेटमेंट निकालने के बाद उन्हें इसकी जानकारी हुई।
उनके मोबाइल पर रुपये निकालने का मैसेज भी आया था मगर, बीमार पत्नी का मुंबई में इलाज कराने की व्यस्तता के चलते वह देख नहीं सके। घर आने के बाद उन्हें इसकी जानकारी हुई। इसके बाद उन्होंने 11 मई को शाखा को प्रबंधक को स्टेटमेंट दिखाते हुए मामले की शिकायत की। सभी चेक बैंक से ही पास किए गए थे।
रामनारायण का आरोप है कि मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से करने की बात पर बैंक प्रबंधक अमिता यादव ने उन्हें व उनके भतीजे उमाकांत को फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। यह भी कहा कि मेरा कोई कुछ नहीं कर सकता। मेरी ऊपर तक पहुंच है।
राम नारायण के मुताबिक, बैंक प्रबंधक अमिता यादव व कैशियर की मिलीभगत से ही उनके जीवन की पूरी कमाई हड़प ली गई है। इस मामले में एडीजी के आदेश पर लालगंज पुलिस ने बैंक प्रबंधक अमिता यादव व कैशियर के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सीओ लालगंज रामसूरत सोनकर ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर प्रकरण की छानबीन की जा रही है।