फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बनारस में दिखा रहस्यमयी गोला!

विज्ञापन
विज्ञापन
प्रदूषण की मार झेलते वाराणसी शहर के हालात की छाया रविवार को यहां के आसमान पर भी उभरी। दो घंटे तक सूर्य के चारों ओर गोलाई में छाई घनी धुंध देख हर कोई एकबारगी चौंक गया।
विज्ञापन


सुबह करीब साढ़े नौ बजे से सूर्य के चारों ओर धुंध के साथ इंद्रधनुषी वलय सी दिखाई देने वाली यह गोलाकार धुंध जिन लोगों ने देखी, वे आश्चर्य के साथ चिंता में पड़ गए।

मौसम विज्ञानियों का मानना है कि वातावरण में धूल और वाष्प के कारण सूर्य के चारों ओर ये गोलाकार धुंध दिखाई दिया। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि इसे ‘हैलो’ के नाम से जाना जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

देखने के लिए लगा मजमा

रविवार का दिन होने के नाते अधिकतर लोग घर पर थे। सुबह सूर्य के चारों ओर गोलाई में छाई धुंध की जानकारी हुई तो उसे देखने के लिए छतों और सड़कों पर मजमा लग गया। मोबाइल के जरिये संबंधियों और दोस्तों को भी इस बारे में बताया। इस दृश्य को लोगों ने मोबाइल में कैद भी किया। करीब दो घंटे तक सूर्य के चारों ओर धुंध का गोला बना रहा।

बीएचयू के मौसम विज्ञानी प्रो. एसएन पांडेय ने बताया कि जिस तरह कभी-कभी बारिश के मौसम में इंद्रधनुषी वलय नजर आता है, ठीक वही प्रक्रिया ‘हैलो’ की भी है। यह वातावरण में प्रदूषण को भी दर्शाता है। वातावरण में धूल और जल वाष्प पर जब सूर्य की किरणें पड़ती हैं तो किरणों के कोण का बहुत महत्व होता है।

जल वाष्प में व्याप्त कण सूर्य के किनारे घेरा बना लेते हैं और जब सूर्य की किरणें निर्धारित कोण पर पड़ती हैं तो ‘हैलो’ बनता है। सूर्य के किरणों के रिफ्रैक्शन (अपवर्तन) और बिखराव के कारण ये प्रक्रिया होती है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें