बरेली में बुधवार को दीवानी न्यायालय की हवालात के पास पेशी से लौट रहे बंदियों ने घर का खाना न खाने देने पर सिपाहियों की पिटाई कर उनकी वर्दी फाड़ डाली। बंदियों के परिवार की महिलाओं ने भी सिपाहियों पर हमला बोल दिया। कचहरी हवालात के बाहर काफी देर बवाल के बाद सिपाहियों ने किसी तरह बंदियों को हवालात में डाला तो उन्होंने हवालात का गेट भी तोड़ दिया।
एसपी सिटी के साथ जब भारी मात्रा में पुलिस फोर्स पहुंचा तो कहीं बंदी काबू में आए। हमलवावर बंदियों और उनके परिवार की महिलाओं के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है। एसपी सिटी ने घटना की जांच सीओ प्रथम को दी है।
बिशारतगंज के गांव अरछिड़ी के रण विजय, दिग्विजय, जग विजय और पवन जेल में हत्या के मामले में बंद है। बुधवार को उन्हें पेशी पर लाया गया था। सिपाही अग्निदेव द्विवेदी इन चारों के अलावा दो अन्य बंदियों को दोपहर करीब पौने दो बजे पेशी के बाद हवालात की ओर ला रहा था। इसी बीच चारों बंदियों के घरवालों ने उन्हें घर का खाना खिलाने की कोशिश की। सिपाहियों ने उन्हें रोका तो बंदी और उनके घरवाले भड़क उठे। बंदियों से मिलने आईं महिलाएं सिपाही को बुरा भला कहने लगीं।
हवालात के पास पहुंचे ही बंदियों ने मारपीट शुरू कर दी। सिपाही वीर सिंह राणा और अमित कुमार की वर्दी फाड़ दी। सूचना पर काफी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गया जिसके बाद बमुश्किल सभी छह बंदियों को हवालात के अंदर डाला गया लेकिन हवालात में भी बंदी हल्ला करने लगे और गेट तोड़ दिया। पुलिस ने रस्सी से गेट बांधकर बंदियों को जैसे-तैसे बाहर निकलने से रोका।
घटना की सूचना पर एसपी सिटी राजीव मल्होत्रा, सीओ असित श्रीवास्तव, इंस्पेक्टर मोहम्मद बाबर, इंस्पेक्टर सुभाषनगर देवेश सिंह आदि भी पुलिस बल के साथ पहुंच गए। अफसरों ने पहले सिपाहियों से घटना की जानकारी ली। बाद में मारपीट करने वाले चारों बंदियों को हवालात से निकलवाया गया। बंदियों ने सिपाहियों पर परिवार की महिलाओं पर छींटाकशी करने का आरोप लगाया। एसपी सिटी ने बताया कि सिपाही अग्निदेव द्विवेदी की चारों बंदियों और उनके घर की महिलाओं के खिलाफ मारपीट करने, धमकाने और सरकारी काम में बाधा पहुंचने के आरोप में कोतवाली में मुकदमा लिखा दिया गया है। घटना की जांच सीओ सिटी प्रथम असित श्रीवास्तव को दी गई है।
खाना खिलाने के 100 रुपये लेती है पुलिस
दीवानी न्यायालय की हवालात में भी घूसखोरी का खेल चल रहा है। इसका खुलासा बवाल के दौरान पहुंचे एक सिपाही ने ही एसपी सिटी राजीव मल्होत्रा के सामने कर दिया। उसने कहा कि हवालात ड्यूटी करने वाले सिपाही पेशी पर आने वाले बंदियों के घरवालों से फोन पर बात कराने के 50 रुपये लेते हैं। घर का खाना खिलाने के सौ रुपये फिक्स हैं। यह बात सुनकर एसपी सिटी ने सीओ प्रथम को हवालात ड्यूटी करने वाले सिपाहियों की सूची बनाकर उनके खिलाफ जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।