मुरादाबाद में कांठ के गांव अकबरपुर चैदरी में एक धर्मस्थल पर लगे लाउडस्पीकर को पुलिस ने गुरुवार को जबरन उतार दिया। पुलिस ताला तोड़कर धर्मस्थल में घुसी और विरोध करने रास्ते में आई महिलाओं पर लाठीचार्ज कर उन्हें खदेड़ दिया। पुलिस के इस कदम से एक वर्ग आक्रोशित है।
गुस्साए लोगों ने जबरदस्त हंगामा किया, जिसके बाद पुलिस ने चार महिलाओं समेत आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना से गांव में तनाव है और पुलिस पीएसी कैंप कर रही है। मामले को लेकर कांठ और उमरी नगरों सहित आसपास के क्षेत्र में पांच जुलाई तक धारा 144 लागू कर दी गई है।
धर्मस्थल पर लगे लाउडस्पीकर को लेकर बीते कई दिनों से तनातनी चल रही थी। दूसरे वर्ग के लोग इसे उतरवाने की मांग कर रहे थे।
दस से अधिक महिलाएं लाठीचार्ज में घायल
बृहस्पतिवार सुबह नौ बजे पुलिस अधीक्षक देहात अनिल कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन महेंद्र वर्मा, उपजिलाधिकारी आंद्रा वामसी, तहसीलदार राजेश चंद्रा, पुलिस क्षेत्राधिकारी राहुल कुमार कांठ, छजलैट, हजरतनगर गढ़ी, डिलारी, अगवानपुर, पाकबड़ा आदि के थानाध्यक्षों और फोर्स के साथ गांव पहुंचे।
फोर्स ने धार्मिक स्थल को चारों ओर से अपने घेरे में ले लिया। गेट पर लगे ताले को तोड़कर फोर्स अंदर पहुंचा। सीढ़ियों पर चढ़कर धार्मिक स्थल पर लगे लाउडस्पीकर उतारकर पुलिस ने कब्जे में ले लिए।
विरोध करने के लिए कुछ महिलाएं पहुंची तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर उन्हें खदेड़ दिया। लाठीचार्ज में दस से अधिक महिलाएं जख्मी हुई हैं। अस्पताल में एक महिला की हालत गंभीर बनी हुई थी। कांठ के एसडीएम आंद्रा वामसी का कहना है कि नया गांव में लाउडस्पीकर लगाकर नई परंपरा अपनाई गई थी। इसलिए लाउडस्पीकर को हटवाकर कब्जे में ले लिया है। बिना अनुमति के कोई भी नई परंपरा नहीं अपनाई जा सकती। वैध अनुमति के लिए प्रयास करना चाहिए था।
पुलिस लाठीचार्ज पर बिफरी भाजपा
अकबरपुर चैदरी गांव में महिलाओं पर पुलिस लाठीचार्ज की घटना से भाजपा और हिंदू संगठन उखड़ गए हैं। भाजपा ने प्रदेश सरकार पर सांप्रदायिक होने का आरोप लगाते हुए सीएम से इस्तीफे की मांग की है तो हिंदू जागरण मंच ने दोषी पुलिस वालों को तुरंत सस्पेंड कर जेल भेजने की मांग की है।
भाजपा के क्षेत्र विभाग संगठन मंत्री रतींद्र त्यागी ने कांठ में धर्मस्थल से ताला तोड़कर जबरन लाउडस्पीकर उतारे जाने और महिलाओं पर लाठीचार्ज व उनकी गिरफ्तारी की भर्त्सना की है।
उन्होंने कहा कि सरकार पूरी तरह सांप्रदायिक हो चुकी है और जानबूझकर सामाजिक तानेबाने को छिन्न भिन्न करने के लिए जहर घोल रही है, ऐसी घटनाएं नफरत पैदा करती हैं।