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काशी में दिखा 2024 का ट्रेलर: नरेंद्र मोदी, राहुल गांधी और ममता बनर्जी तीनों को चाहिए महादेव का आशीर्वाद!

अमित शर्मा
Updated Fri, 04 Mar 2022 07:33 PM IST

सार

माना जा रहा है कि लगभग दो साल बाद होने वाले आम चुनाव में ये तीनों चेहरे अपनी-अपनी पार्टी या गठबंधन की ओर से प्रधानमंत्री पद के चेहरे हो सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एनडीए की ओर से अगले पीएम पद के दावेदार होंगे तो कांग्रेस राहुल गांधी का नाम आगे करने की कोशिश करेगी...
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वाराणसी में पीएम मोदी का रोड शो - फोटो : Agency

उत्तर प्रदेश चुनाव के अंतिम चरण में 2024 के लोकसभा चुनाव का ट्रेलर भी दिख गया। शुक्रवार को महादेव की नगरी काशी में पीएम मोदी, राहुल गांधी और ममता बनर्जी तीनों ने अपनी ताकत दिखाने की कोशिश की। माना जा रहा है कि लगभग दो साल बाद होने वाले आम चुनाव में ये तीनों चेहरे अपनी-अपनी पार्टी या गठबंधन की ओर से प्रधानमंत्री पद के चेहरे हो सकते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एनडीए की ओर से अगले पीएम पद के दावेदार होंगे तो कांग्रेस राहुल गांधी का नाम आगे करने की कोशिश करेगी। वहीं, राष्ट्रीय स्तर पर परचम फहराने की महत्वाकांक्षा पाले ममता बनर्जी अभी से विपक्षी दलों को साधने की कोशिश कर रही हैं,  जिससे उनकी दावेदारी में ज्यादा से ज्यादा दलों का साथ मिल सके। शुक्रवार को अखिलेश यादव के साथ उनकी काशी में उपस्थिति को तृणमूल कांग्रेस की इसी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।     



सभी राजनीतिक दल जानते हैं कि राष्ट्रीय राजनीतिक सफलता के लिए यूपी में पैठ बनाना कितना जरूरी है। शायद इसीलिए विधानसभा चुनाव के जरिए ही सही, प्रधानमंत्री मोदी रोड शो के जरिए अपनी जमीन मजबूत करने में जुटे हैं, तो राहुल गांधी नरेंद्र मोदी के सामने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने से चूकना नहीं चाहते और इसीलिए शुक्रवार को वे भी काशी में मौजूद हैं। ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के लिए यूपी में फिलहाल कोई संभावना नहीं है, लेकिन अपनी भूमिका मजबूत करने के लिए दीदी साइकिल की सवारी करते हुए यह सफर तय करना चाहती हैं। तीनों दावेदारों में किसकी भूमिका मजबूत रहेगी और किसे जनता का आशीर्वाद मिल पाएगा, यह तय होने में अभी लंबा वक्त है, लेकिन इतना तो तय है कि आज की उपस्थिति के सहारे तीनों दावेदारों ने लोकसभा चुनाव की ताल भी ठोंक ही दी है। फिलहाल, तीनों दिग्गज काशी पहुंचकर अपनी राष्ट्रीय महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए महादेव का आशीर्वाद पाने की कोशिश कर रहे हैं।

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वाराणसी में पीएम मोदी का रोड शो - फोटो : Agency
उत्तर प्रदेश चुनाव के अंतिम चरण में 2024 के लोकसभा चुनाव का ट्रेलर भी दिख गया। शुक्रवार को महादेव की नगरी काशी में पीएम मोदी, राहुल गांधी और ममता बनर्जी तीनों ने अपनी ताकत दिखाने की कोशिश की। माना जा रहा है कि लगभग दो साल बाद होने वाले आम चुनाव में ये तीनों चेहरे अपनी-अपनी पार्टी या गठबंधन की ओर से प्रधानमंत्री पद के चेहरे हो सकते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एनडीए की ओर से अगले पीएम पद के दावेदार होंगे तो कांग्रेस राहुल गांधी का नाम आगे करने की कोशिश करेगी। वहीं, राष्ट्रीय स्तर पर परचम फहराने की महत्वाकांक्षा पाले ममता बनर्जी अभी से विपक्षी दलों को साधने की कोशिश कर रही हैं,  जिससे उनकी दावेदारी में ज्यादा से ज्यादा दलों का साथ मिल सके। शुक्रवार को अखिलेश यादव के साथ उनकी काशी में उपस्थिति को तृणमूल कांग्रेस की इसी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।     

सभी राजनीतिक दल जानते हैं कि राष्ट्रीय राजनीतिक सफलता के लिए यूपी में पैठ बनाना कितना जरूरी है। शायद इसीलिए विधानसभा चुनाव के जरिए ही सही, प्रधानमंत्री मोदी रोड शो के जरिए अपनी जमीन मजबूत करने में जुटे हैं, तो राहुल गांधी नरेंद्र मोदी के सामने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने से चूकना नहीं चाहते और इसीलिए शुक्रवार को वे भी काशी में मौजूद हैं। ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के लिए यूपी में फिलहाल कोई संभावना नहीं है, लेकिन अपनी भूमिका मजबूत करने के लिए दीदी साइकिल की सवारी करते हुए यह सफर तय करना चाहती हैं। तीनों दावेदारों में किसकी भूमिका मजबूत रहेगी और किसे जनता का आशीर्वाद मिल पाएगा, यह तय होने में अभी लंबा वक्त है, लेकिन इतना तो तय है कि आज की उपस्थिति के सहारे तीनों दावेदारों ने लोकसभा चुनाव की ताल भी ठोंक ही दी है। फिलहाल, तीनों दिग्गज काशी पहुंचकर अपनी राष्ट्रीय महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए महादेव का आशीर्वाद पाने की कोशिश कर रहे हैं।

वाराणसी में अखिलेश यादव और ममता बनर्जी - फोटो : Agency
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आईपी सिंह ने कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद ममता बनर्जी मजबूत राष्ट्रीय नेता के तौर पर उभरी हैं। जिस तरह से उन्होंने भाजपा को ‘ठिकाने’ लगाने का काम किया है, वे आने वाले चुनाव में भाजपा के सामने राष्ट्रीय विकल्प हो सकती हैं। उनकी पार्टी लंबे समय से ममता बनर्जी के साथ रही है। उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव उनके साथ मंच साझा कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि यदि विपक्षी दलों में आपसी सहमति बनती है और उन्हें विपक्ष के द्वारा पीएम पद के लिए चेहरा घोषित किया जाता है तो उनकी पार्टी सपा उनका समर्थन करेगी।  

पहले भी कर चुकी हैं कोशिश

ममता बनर्जी ने जनवरी 2019 में कोलकाता में विपक्षी नेताओं की एकता रैली आयोजित की थी। इस रैली में पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देव गौड़ा, एचडी कुमार स्वामी, अरविंद केजरीवाल, अखिलेश यादव, मायावती के खास सहयोगी सतीश चंद्र मिश्रा, जयंत चौधरी, तेजस्वी यादव, बाबूलाल मरांडी, हेमंत सोरेन, फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला, हार्दिक पटेल, अभिषेक मनु सिंघवी, चंद्राबाबू नायडू, एमके स्टालिन, शरद पवार, शरद यादव, यशवंत सिन्हा, अरूण शौरी और रामजेठ मलानी जैसे दिग्गज शामिल हुए थे।

इसी प्रकार जुलाई 2021 में सालाना शहीद रैली में भी ममता बनर्जी ने अपनी राष्ट्रीय महत्त्वाकांक्षा जाहिर की थी। उनके इस कार्यक्रम का प्रचार पश्चिम बंगाल और गुजरात से लेकर उत्तर प्रदेश तक में किया गया था। इसको भी ममता दीदी की राष्ट्रीय महत्त्वाकांक्षा के रूप में देखा गया था।

काशी में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी - फोटो : Agency

राहुल की दावेदारी कितनी मजबूत

आज की तारीख में कांग्रेस की स्थिति कमजोर है। इसे देखते हुए राहुल गांधी की पीएम पद की दावेदारी पर भले ही शक जताया जा रहा हो, लेकिन कांग्रेस की ताकत को कोई भी पार्टी कमजोर करके नहीं आंक सकती। यदि पंजाब और उत्तराखंड में कांग्रेस मजबूती के साथ उभरती है, तो आने वाले समय में कांग्रेस की स्थिती और भी मजबूत हो जाएगी। शरद पवार जैसे दिग्गज नेता पहले ही कह चुके हैं कि कांग्रेस को नकारना संभव नहीं है और उसके बिना राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी एकता की बात बेमानी होगी। ऐसे में यदि विपक्षी एकता के साथ 2024 में भाजपा से मुकाबले की बात होती है तो चुनाव पूर्व न सही, लेकिन चुनाव बाद की स्थिति में राहुल गांधी की दावेदारी मजबूत हो सकती है।
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