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एक्सरे कक्ष रहा बंद, जांच के लिए लगी मशीन खराब, कैसे हो खून की जांच

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पूरनपुर। सीएचसी में एक्सरे, खून की जांच की सुविधा होने के बाद मरीजों को लाभ नहीं मिल रहा है। बृहस्पतिवार को सीएचसी का एक्सरे कक्ष बंद रहा। मरीजों के एक्सरे नहीं हो सके। खून की संपूर्ण जांच को लगाई गई मशीन सही होकर न लौटने पर खून की जांच नहीं हो सकी। एमबीबीएस डॉक्टरों के 11 पद खाली हैं। तीन बीएएमएस संविदा और बीडीएस चिकित्सक के जरिए किसी तरह से चिकित्सा सेवाएं संचालित की जा रही हैं। डॉक्टरों की संख्या कम होने से मरीजों पर इसका खासा असर है।
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सीएचसी में व्यवस्थाओं को लेकर अफसर निरीक्षण को तो अक्सर पहुंचते हैं। मगर इसके बाद भी मरीजों को सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। सीएचसी में नगर के अलावा दर्जनों गांव के मरीज दवाई लेने को पहुंचते हैं। सीएचसी की औसतन ओपीडी में प्रतिदिन 600 मरीज पहुंचते हैं। चिकित्सकों, कर्मचारियों के वेतन, दवाओं, उपकरण आदि पर लाखों रुपये हर महीने खर्च होता है। खून की सभी जांच के लिए करीब तीन साल पहले सीवीसी मशीन लगाई गई थी। मशीन लगने से मरीज और तीमारदारों को सुविधा मिली थी। तब जांच के लिए मरीजों को प्राइवेट लैब में नहीं जाना पड़ता था। करीब डेढ़ साल पहले मशीन खराब हो गई। नवंबर माह में मशीन को सही करने को बाहर से मैकेनिक बुलाए गए। मशीन सही नहीं हो सकी। मैकेनिक मशीन को सही करने के लिए अपने साथ ले गए। इसके बाद सीवीसी काउंट मशीन दोबारा सीएचसी में नहीं आ सकी। इससे सीएचसी में संपूर्ण खून की जांचें नहीं हो पा रही हैं। बृहस्पतिवार को सीएचसी के एक्सरे कक्ष में ताला लटकता रहा।
एक्सरे और खून की जांच को मरीजों को करनी पड़ रही जेब ढीली
सीएचसी बाहर से
एक्सरे फ्री 250 से 300 रुपये
खून की समस्त जांचें फ्री 350 से 400 रुपये
सीने में पिछले कई दिनों से दर्द हो रहा है। बृहस्पतिवार को चिकित्सक से परामर्श के बाद एक्सरे कराने आया था। मगर अस्पताल में एक्सरे नहीं हो पाएगा। ऐसा बताया गया। - दुर्वेश कुमार, बिलंदपुर अशोक
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रीड़ की हड्डी में पिछले कई दिन से दर्द हो रहा है। दवा खाने से भी फायदा नहीं हो रहा है। सोचा था बृहस्पतिवार को अस्पताल पहुंचकर एक्सरे कराएंगे। मगर एक्सरे नहीं हुआ। - गोवर्धन लाल, हबीबगंज
करंट लगने से हाथ झनझना रहा है। दवा खाने से भी फायदा नहीं हुआ। एक्सरे कराने का मन था। मगर एक्सरे न होने की जानकारी दी गई। - अशोक कुमार, कढेरचौरा।
दो साल से खुजली नहीं जा रही है। लगातार दवाई ले रहा हूं। खून की सभी जांच कराने को था। मगर अस्पताल में मशीन खराब होने की जानकारी दी गई। - जतिन तिवारी, बिलहरी।
सीएचसी में विभिन्न रोग विशेषज्ञ समेत 12 चिकित्सक होने चाहिए। मेरी ही तैनाती है। 11 पद खाली हैं। संविदा चिकित्सक और आसपास पीएचसी के चिकित्सकों को संबद्ध कर काम चलाया जा रहा है। वार्ड ब्यॉय एक भी नहीं है। सफाई कर्मचारी मात्र एक ही है। एक्सरे टेक्नीशियन बीमार होने पर छुट्टी पर गया है। सीवीसी मशीन ठीक हो गई है। शीघ्र ही अस्पताल में मंगवा ली जाएगी।- डॉ. चंद्र कुमार, प्रभारी चिकित्साधिकारी
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