महिलाओं काे प्रमाण पत्र देते डीएम। स्रोत- प्रशासन
- फोटो : Archive
12 दिवसीय प्रशिक्षण का हुआ समापन, डीएम ने बाजार उपलब्ध कराने का दिया भरोसा
पीलीभीत। कभी घर की जिम्मेदारियों तक सीमित रहने वाली स्वयं सहायता समूह की महिलाएं अब अपने हुनर से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करेंगी। बड़ौदा स्वरोजगार विकास संस्थान और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की पहल से जिले की महिलाओं को मोमबत्ती सहित दैनिक उपयोग के उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास किया गया है।
बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने 12 दिवसीय मोमबत्ती निर्माण प्रशिक्षण का समापन किया। इस प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न विकास खंडों से आईं 30 स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने प्रतिभाग किया। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को डिजाइनर, सुगंधित और सजावटी मोमबत्तियां बनाने के साथ ही डिशवॉशर, डिटर्जेंट पाउडर और झाड़ू जैसे उत्पाद तैयार करने का भी प्रशिक्षण दिया गया।
समापन समारोह में जिलाधिकारी ने महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों का निरीक्षण किया और उनकी गुणवत्ता की सराहना की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए उन्हें प्रशिक्षण के साथ बाजार उपलब्ध कराना भी जरूरी है। जिला प्रशासन समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की बिक्री के लिए हरसंभव सहयोग करेगा।
उन्होंने कहा कि इन उत्पादों को स्थानीय बाजारों, सरस मेलों और जिला स्तरीय आउटलेट्स के माध्यम से बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। इससे महिलाओं को अपने उत्पादों के लिए बेहतर बाजार मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागी महिलाओं को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र वितरित किए गए। संवाद