पीलीभीत। विश्व जनसंख्या दिवस पर बढ़ती जनसंख्या व उससे जुड़ी पारिवारिक चुनौतियों को समझने में जिले की महिलाएं तेजी से आगे आते देखी जा रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं ने परिवार नियोजन की जिम्मेदारी को अपने कंधों पर ले रखा है, यही वजह है दो वर्षों में जिले की महिलाएं नसबंदी कार्यक्रम में भी मंडल में लगातार प्रथम स्थान पर हैं। वहीं गर्भावस्था से बचने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही हैं।
हर साल 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाने का उद्देश्य बढ़ती जनसंख्या में परिवार नियोजन को महत्वपूर्ण मानते हुए उस पर लोगों को जागरूक करना होता है। जिले में सीएचसी स्तर पर संचालित नसबंदी कार्यक्रम में पिछले दो वर्षों में 4163 महिलाओं ने नसबंदी कराई है। इसी के साथ परिवार नियोजन को लेकर गर्भावस्था को रोकने के लिए महिलाओं ने पीपीआईयूसीडी (गर्भनिरोधक कॉपर टी) का 18,821, आईयूसीडी में 19,322, माला गोली 2,29,974, छाया गोली 1,10,582, अंतरा इंजेक्शन का 22,533 का प्रयोग किया है।
पुरुषों के कदम परिवार नियोजन को लेकर काफी पीछे रहे, पिछले दो वर्षों में कुल 13 पुरुषों ने ही नसबंदी कराई है।
सीएमओ बीसी पंत का कहना है कि परिवार नियोजन को लेकर महिलाओं ने बरेली मंडल में अपना स्थान बनाया है। इससे विभाग का भी नाम रोशन हुआ है। परिवार नियोजन को लेकर लगातार जागरूक कार्यक्रम कराए जा रहे है। संवाद