पीलीभीत। निजी अस्पतालों में मनमाने इलाज के नाम पर महिलाओं की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। शुक्रवार को माधोटांडा कस्बे में प्रसव के बाद एक महिला की हालत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल संचालक और चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया।
तीन घंटे तक गहमागहमी का माहौल रहा। सूचना पर एमओआईसी ने माधोटांडा पुलिस के साथ मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की। अस्पताल संचालक को नोटिस जारी किया है।
घटना माधोटांडा कस्बे में शुक्रवार दोपहर की है। थाना क्षेत्र के ग्राम पिपरिया संतोष निवासी हरपाल ने बताया कि प्रसव पीड़ा होने पर वह अपनी पत्नी देवकी देवी (30) को बृहस्पतिवार रात करीब आठ बजे माधोटांडा सीएचसी लाए थे। वहां जांच के बाद स्टाफ और आशा कार्यकर्ता की ओर से पत्नी की हालत गंभीर बताकर रेफर कर दिया गया। इसपर वह पत्नी को लेकर माधोटांडा स्थित निजी सेवा हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। वहां मौजूद चिकित्सक ने पत्नी को भर्ती कर लिया। शुक्रवार सुबह सामान्य प्रसव के बाद बच्ची का जन्म हुआ। आरोप है कि प्रसव के बाद अधिक खून बहने से वह बेहोश हो गई।
चिकित्सक ने कमजोरी का हवाला देकर कुछ समय बाद स्थिति सामान्य हो जाने की बात कही। करीब दो घंटे बाद तक महिला को होश न होने पर परिजनों ने चिकित्सक से बातचीत की। आरोप है कि इसपर पहले तो चिकित्सक ने खून की व्यवस्था करने को कहा और कुछ ही देर में एक प्राइवेट वाहन मंगवाकर महिला को पीलीभीत ले जाने की बात कही और जबरन वाहन में बैठा दिया। रास्ते में उसकी मौत हो गई। इस पर परिजन शव को दोबारा अस्पताल लाए और संचालक व चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा करना शुरू किया।
करीब तीन घंटे तक परिजन शव को अस्पताल में ही रखकर हंगामा करते रहे। सूचना पर एमओआईसी डॉ. मनीष राज शर्मा और माधोटांडा पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी की। देर शाम परिजन थाने पहुंचे और कार्रवाई के लिए तहरीर दी। एमओआईसी ने बताया कि अस्पताल संचालन को नोटिस देकर एक दिन में जबाव मांगा गया है। थाना प्रभारी अशोक पाल ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने पर टीम मौके पर गई थी। तहरीर मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।