पीलीभीत। सप्ताह भर से टाइगर रिजर्व की महोफ रेंज में तबाही मचाने वाले नेपाली हाथी रविवार को उत्तराखंड की सुरई रेंज में पहुंच गए, लेकिन हाथियों का झुंड रात दो बजे करीब महोफ रेंज में फिर से आ गए। हाथियों के दोबारा वापसी करने से टाइगर रिजर्व के अफसर और किसान परेशान हैं
रविवार रात पीलीभीत टाइगर रिजर्व की महोफ रेंज के कंपार्टमेंट 104-105 के बीच से हाथी सुरई रेंज तक पहुंच गए थे। लेकिन देर रात दो बजे वह दोबारा से महोफ रेंज में वापसी कर गए और माला रेंज में बढ़ने का प्रयास करने लगे। उत्तराखंड सीमा पर 104 वॉच टावर पर तीन बजे पहुंचे और चिंघाड़ना शुरू कर दिया। शोर सुनकर वन वॉचर भी जग गए। किसी तरह कर्मचारी अपनी जान बचाकर वहां से भाग गए। टाइगर रिजर्व में 14 अगस्त से हाथी अपना डेरा जमाए हुए हैं। वन विभाग की टीम भी उन्हें वापस खदेड़ना के लिए रात दिन जुटी हुई है, लेकिन वह जाकर भी दोबारा आ गए हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों की मानें तो हाथियों को पीलीभीत का वातावरण और जंगल पसंद आ रहा है, इसलिए वह वापस जाना नहीं चाह रहे हैं। हाथियों के वापस आने से दोबारा से पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। हाथियों का महोफ रेंज में ही डेरा जमा हुआ है। पीटीआर के डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल ने बताया कि लगातार हाथियों की निगरानी कराई जा रही है। टीमें लगी हुई है। जल्द ही उन्हें वापस भेजा जाएगा।