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यूपीएसएस के जिला प्रबंधक के खिलाफ ट्रैप क्यों हुआ फेल..........जांच का हिस्सा वायरल ऑडियो

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यूपीएसएस दफ्तर पर छापेमारी को पहुंची टीम। फाइल - फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। उत्तर प्रदेश उपभोक्ता सहकारी संघ (यूपीएसएस) के जिला प्रबंधक शिव अवतार कुशवाहा पर 1.5 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है। वह निलंबित हो चुके हैं। विभागीय जांच चल रही है। इस बीच ट्रैप फेल होने के मामले में डीआईजी एंटी करप्शन राजीव मल्होत्रा ने जांच बैठाई है। मुरादाबाद में तैनात एंटी करप्शन के सीओ अजय कुमार जांच करेंगे। वह पीलीभीत आकर संबंधित पक्षों के बयान लेंगे। जांच में उस ऑडियो को शामिल किया जाएगा जो पीड़ित और एंटी करप्शन टीम के बीच हुई बातचीत का है। ऑडियो में ऐसी बातें हैं जिससे पूरी टीम जांच के घेरे में आई है।
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नौगवा पकड़िया गांव स्थित उत्तर प्रदेश उपभोक्ता सहकारी संघ के कार्यालय पर 31 मार्च को एंटी करप्शन टीम ने छापा मारा था। जिला प्रबंधक से एक घंटे तक पूछताछ की गई थी। कार्यालय की तलाशी ली थी पर कहीं रिश्वत के रुपये नहीं मिले। पूरे घटनाक्रम में एंटी करप्शन टीम सवालों के घेरे में है क्योंकि पक्की सूचना पर ही एंटी करप्शन की टीम जाती है। पहला सवाल यही है कि ट्रैप किए जाने की सूचना कहां से लीक हुई। दूसरा सवाल यह है कि ट्रैप को रफादफा करने के लिए क्या पीड़ित को मैनेज किया गया। यदि ऐसा है तो किसने मैनेज किया? इस बीच एक ऑडियो वायरल होने की बात भी सामने आ रही है। दावा है कि यह ऑडियो पीड़ित और एंटी करप्शन टीम के बीच हुई बातचीत का है पर इस पर अभी जांच नहीं हुई है। इस विषय में डीआईजी एंटी करप्शन से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अभी उनके पास ऐसा कोई ऑडियो नहीं आया है लेकिन अगर ऐसा कोई ऑडियो है तो उसे भी जांच का हिस्सा बनाया जाएगा। ट्रैप फेल होने के मामले को गंभीरता से लिया गया है और जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
मुरादाबाद के एंटी करप्शन सीओ जांच करेंगे। ट्रैप करने के लिए बनाई गई टीम के प्रभारी से रिपोर्ट तलब की गई है। हर बिंदु पर जांच होगी और जिम्मेदारी तय की जाएगी।
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ट्रैप फेल होने के मामले में मुरादाबाद को जांच करनी है। वह पीलीभीत जाकर हर पहलू पर जांच करेंगे। अपनी रिपोर्ट देंगे। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
- राजीव मल्होत्रा, डीआईजी एंटी करप्शन
मुझसे 1.5 लाख रुपये रिश्वत में मांगे गए थे। मैंने एंटी करप्शन में शिकायत की थी। इसके बाद टीम बनी थी लेकिन ट्रैप फेल हुई है? कहां पर चूक हुई है? इस पर जांच होनी चाहिए। जो ऑडियो वायरल हुआ है। उसकी भी जांच कराई जाए।
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गुरविंदर सिंह गोल्डी, पीड़ित
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