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क्रय केंद्रों पर नहीं हुई तौल, तो मंडी गेट पर धान में किसानों ने लगाई आग

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मंडी समिति गेट पर धान के ढेर में किसानों ने आग लगाकर की नारेबाजी। - फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। क्रय केंद्रों पर धान बेचना इन दिनों किसानों के लिए सबसे ज्यादा मुसीबत है। बुधवार को कई किसान आरएफसी के क्रय केंद्र पर धान लेकर पहुंचे। काफी इंतजार के बाद भी क्रय केंद्र प्रभारी के नहीं पहुंचने पर किसान आक्रोशित हो गए। किसानों ने मंडी गेट बंद कर धान में आग लगा दी। सूचना पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट ने किसानों से वार्ता कर धान की तौल कराने का आश्वासन दिया। तब किसान शांत हुए।
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मंडी समिति स्थित आरएफसी क्रय केंद्र पर बुधवार को माधोटांडा थाना क्षेत्र के कई किसान धान लेकर पहुंचे थे। किसानों का आरोप था कि बुधवार को टोकन की तारीख थी। मगर केंद्र पर कई घंटे इंतजार के बाद प्रभारी नहीं आए। जबकि टोकन की तिथि निकलने के बाद फिर 15 दिन इंतजार करना होता है। लोगों से पूछने पर पता चला कि क्रय प्रभारी की स्थानांतरण हो गया है। धान बिक्री को लेकर पहले से ही परेशान है। करीब 11 बजे गुस्साएं किसानों ने मंडी गेट बंद कर वहां धान में आग लगा दी। आक्रोशित किसानों ने सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की। किसानों कहना था कि प्रशासन के लचर रवैये से धान की तौल नहीं हो पा रही है। सरकार किसानों को समर्थन मूल्य देने के लिए सिर्फ वादे कर रही है।
ऑफलाइन खरीद का भी कोई हिसाब नहीं
किसानों ने बताया कि 16 अक्तूबर को आरएफसी के क्रय केंद्र प्रभारी रवि प्रताप ने ऑफलाइन धान खरीदा था। इसको बाद में ऑनलाइन दिखाना था। एक किसान का तो 50 क्विंटल धान ऑनलाइन खरीद दिखा दिया, मगर बाकी कई किसानों का अभी तक धान का हिसाब नहीं हुआ। जबकि रविप्रताप का फरीदपुर के लिए स्थानांतरण हो गया है। अफसर भी कुछ बताने को तैयार नहीं है।
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आरएफसी क्रय केंद्र पर 16 अक्तूबर को ऑफलाइन 75 क्विंटल धान बेचा था। इसके बाद 19 अक्तूबर को 50 क्विंटल धान की बिक्री ऑनलाइन हो गई। मगर 25 क्विंटल आज भी प्रभारी के पास है। - गुरुवचन सिंह, मानपुर, शाहगढ़
टोकन की स्थिति होने के कारण बुधवार सुबह केंद्र पर सुबह धान लेकर आए थे। इसके बाद घंटों इंतजार करने के बाद भी कोई धान तौलने वाला नहीं था। पहले का भी 78.80 क्विंटल धान केंद्र पर ऑफलाइन तौलवाया है। उसका भी कोई हिसाब नहीं है। - रंजीत सिंह, मथना जप्ती
26 अक्तूबर को टोकन की तिथि थी, मगर धान की तौल नहीं हो पाई है। जबकि टोकन की तिथि निकलने के बाद 15 दिन दोबारा तौल के लिए इंतजार करना पड़ता है। प्रशासन का रवैया लचर बना हुआ है। - परमिंदर सिंह, पुरैनीदीप नगर
बुधवार को टोकन की तिथि थी, मगर धान की तौल का नंबर नहीं आया है। अधिकारी भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे है। किसानों को कड़ी मशक्कत के बाद भी धान बेचने में सफलता नहीं मिल पा रही है।- हरमंत सिंह, अभयपुर माधोपुर
आरएफसी क्रय केंद्र के प्रभारी का तबादला हो गया था। इससे दूसरे प्रभारी को आने में समय लग गया था। किसानों से वार्ता हो गई है। प्रभारी भी दूसरा आ गया है। धान की तौल शुरू हो गई है। किसान भी शांत हो गए। - अरुण कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट
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