पीलीभीत। आसमान से बरस रही आग के बीच शहर में लोगों को राहत देने के लिए लगाए गए शीतल जल प्याऊ खुद बदहाली के शिकार हो गए हैं। लाखों रुपये खर्च कर लगाए गए कई प्याऊ या तो बंद पड़े हैं या फिर उनकी टोंटियां गायब हैं। हालात यह हैं कि भीषण गर्मी में राहगीरों, मरीजों और छात्रों को प्यास बुझाने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। जो प्याऊ चालू अवस्था में हैं, वे भी गर्मी में उबलता हुआ पानी दे रहे हैं।
नगर पालिका की ओर से पिछले साल शहर के करीब 20 स्थानों पर लोगों को ठंडा पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शीतल जल प्याऊ लगाए गए थे। शुरुआत में लोगों को इस सुविधा का लाभ मिला, लेकिन गर्मी का सितम बढ़ने पर जब पानी की जरूरत बढ़ी तो इनमें से कई प्याऊ धोखा दे गए। कहीं मोटर खराबी के कारण आरओ बंद पड़े हैं तो कहीं टोंटी भी गायब है। नीबू मंडी क्षेत्र भी लगा वाटर आरओ लंबे समय से खराब है।
राहगीर संतोष, राजीव का कहना है कि कई बार इस मार्ग पर गुजरते समय आरओ से पानी भरने का प्रयास किया, लेकिन हमेशा खराबी के चलते मायूसी ही हाथ लगी। सदर तहसील के बाहर आरओ खराब पड़ा है। शाहजी मियां की मजार के पास भी मशीन खराब है। गौहनिया चौराहा पर लगा आरओ ठीक करा दिया, लेकिन पानी गर्म आ रहा है। शहर के अन्य जगहों पर संचालित मशीनें गर्म पानी दे रही हैं। वहीं, नगर पालिका जहां शहर भर में शीतल पेयजल के लिए वाटर कूलर संचालित करने का दावा कर रही है। उसी पालिका कार्यालय में शीतल पेयजल की व्यवस्था अधूरी है। पहले जहां वाटर कूलर लगा भी था, वह खराब है, जिसे ठीक कराने की जिम्मेदारों ने सुध नहीं ली। रोजाना फरियाद लेकर आने वाले फरियादी पेयजल की तलाश में भटकते हैं। ज्यादा कंठ सूखने पर पानी खरीदकर पीते हैं। संवाद