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Pilibhit News: घंटों किया इंतजार, बस आई तो सीट पाने के लिए मच गई आपाधापी

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असम चौराहा पर रोडवेज का इंतजार करतीं सवारियां। संवाद
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पीलीभीत। रक्षाबंधन के दूसरे दिन भी रोडवेज की अव्यवस्थाएं हावी रहीं। त्योहार मनाकर लौटने वालीं महिलाओं, बच्चों एवं उनके सहयात्रियों को रोडवेज बसों में मुफ्त सफर के लिए मुश्किलों के दौर से गुजरना पड़ा। नौगवां चौराहा व असम चौराहे पर यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। इस दौरान उमस भरी गर्मी से महिलाएं और बच्चे काफी परेशान रहे। इस बीच जब भी कोई रोडवेज बस आती तो उसमें सवार होने के लिए यात्रियों में आपाधापी मच जाती। परिणाम यह रहा कि तमाम यात्रियों को रोडवेज बस न मिलने के कारण डग्गामार वाहनाें का सहारा लेना पड़ा।
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रक्षाबंधन को लेकर शासन का आदेश था कि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराई जाएं, लेकिन यह दावा कागजों पर ही सिमट कर रह गया। नौ अगस्त को रक्षाबंधन मनाया गया। ऐसे में आठ अगस्त से ही महिला, सहयात्री व चार साल तक के बच्चों को निशुल्क यात्रा कराने का दावा किया गया। निशुल्क यात्रा के चलते रोडवेज की बसों में खूब भीड़ उमड़ी।
रविवार को शासन से आए आदेश का अंतिम दिन था, ऐसे में एक बार फिर भीड़ उमड़ी। इससे व्यवस्थाएं धड़ाम हो गईं। रविवार अपराह्न करीब 1:15 बजे नौगवां चौराहे पर यात्रियों की काफी भीड़ रही। रोडवेज की बस न होने पर वहां इको कार चालक मौजूद दिखे। इसके बाद बरेली डिपो की बस आते ही सीट पाने के लिए यात्रियों में आपाधापी मच गई। असम चौराहे पर अपराह्न 2:15 बजे काफी यात्री बस का इंतजार करते दिखे। यहां काफी प्राइवेट बसें खड़ी हुईं थीं। हालांकि मुफ्त सेवा का लाभ लेने के लिए लोग इन बसों में कम बैठते दिखे।
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इको चालकों ने कम वसूला किराया
सामान्य दिनों में बरेली तक जाने के लिए इको कार चालक करीब 80 रुपये तक किराया वसूलते हैं। रक्षाबंधन पर शासन के आदेश के बाद इको चालकों ने किराया 20 रुपये कम यानी 60 रुपये ही वसूला। चौराहे पर यात्रियों को सफर कराने के लिए आवाज लगाते हुए दिखाई दिए।


-यात्री बोले-नहीं मिली बसों की आवाजाही की जानकारी

रुद्रपुर जाने के लिए करीब एक घंटे से बस का इंतजार कर रहे हैं। बस के आने का समय पता नहीं लग रहा है। रोडवेज कर्मचारी भी नहीं है। आसपास के दुकानदार सही जानकारी नहीं दे पा रहे है। - मनप्रीत सिंह, यात्री

अमरिया जाने के लिए काफी समय से चौराहे पर बस का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन बस नहीं आई है। अब किसी अन्य वाहन से पीलीभीत पहुंचकर रोडवेज की बस से वहां पहुंचेंगे। - राकेश कुमार, यात्री


दो दिन में 17,380 बहनों ने परिवहन सेवाओं का लिया निशुल्क लाभ
शासन से आदेश आने के बाद आठ अगस्त की सुबह छह बजे से महिला यात्री, सहयात्री व बच्चों को मुफ्त यात्रा कराई गई। ऐसे में शुक्रवार और शनिवार की देर शाम तक करीब 17,380 बहनों ने परिवहन सेवाओं का लाभ लिया। इसके साथ ही 5450 सहयात्रियों ने भी पीलीभीत डिपो की बसों से निशुल्क यात्रा की। शनिवार रात 12 बजे तक 31.77 लाख रुपये का बहनों, उनके बच्चों व सहयात्रियों को मुफ्त सफर कराया गया।


-आठ अगस्त के आंकड़े -
निःशुल्क महिला यात्रियों की संख्या-3594
निःशुल्क महिला यात्रियों का टिकट भाड़ा - 4,81,882
निःशुल्क सहयात्री की संख्या-761
निःशुल्क सहयात्री का टिकट अमाउंट-1,22,830
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-नौ अगस्त के आंकड़े
निःशुल्क महिला यात्रियों की संख्या-13,786
निःशुल्क महिला यात्रियों का टिकट अमाउंट-16,57,508
निःशुल्क सहयात्री की संख्या-4689
निःशुल्क सहयात्री का टिकट अमाउंट-9,15,091

शासन से आए आदेशानुसार अधीनस्थों को दिशा निर्देश जारी किए गए। जिससे किसी को भी किसी तरह की कोई दिक्कत न हो। अगर कहीं इस तरह की दिक्कतें आईं है, तो उन्हें दिखवाकर कार्रवाई की जाएगी। - पवन कुमार श्रीवास्तव, एआरएम

असम चौराहा पर रोडवेज का इंतजार करतीं सवारियां। संवाद

असम चौराहा पर रोडवेज का इंतजार करतीं सवारियां। संवाद

असम चौराहा पर रोडवेज का इंतजार करतीं सवारियां। संवाद

असम चौराहा पर रोडवेज का इंतजार करतीं सवारियां। संवाद

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