पीलीभीत/न्यूरिया। जिले में चोरों के बढ़ते शोर के बीच शनिवार रात न्यूरिया क्षेत्र में एक और मामला चर्चा में आया। आबादी क्षेत्र के निकट सुनसान सड़कों पर कार से घूम रहे युवकों को ग्रामीणों ने संदिग्ध समझकर पकड़ लिया।
सूचना मिलने पर वन विभाग और पुलिस की टीमें भी पहुंच गईं। पांचों युवकों को कार समेत न्यूरिया थाने ले जाकर पूछताछ की गई। पता चला कि बरेली निवासी युवक बाघ देखने के लिए गूगल मैप के जरिए महोफ गेट तक आए थे। युवकों का कोई आपराधिक इतिहास न मिलने पर रविवार अपराह्न में सभी को छोड़ दिया गया।
मामला न्यूरिया क्षेत्र के महोफ रेंज के जंगल से सटे महोफ गेट नंबर एक का है। ग्रामीणों ने अनुसार, शनिवार रात करीब 10 बजे एक कार क्षेत्र में घूमती दिखाई दी। पहले कार सवार रम्पुरिया गांव की ओर गए। कुछ देर रुकने के बाद वहां से लौटकर महोफ गेट नंबर एक की ओर चले गए। इस पर ग्रामीणों को कार सवारों पर शक हुआ।
संदिग्ध समझते हुए मामले की जानकारी अन्य ग्रामीणों को दी गई। इसके बाद महोफ गेट के पास स्थित एक फार्म स्वामी ने कार सवारों को जंगल से सटे इलाके में खड़ा देखा तो जानकारी वन विभाग के अफसरों को दी। ग्रामीणों के अनुसार, कुछ देर रुकने के बाद कार सवार वहां से पीलीभीत की ओर लौटने लगे।
इसी बीच एकत्र होकर पहुंचे ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया। कार में पांच युवक सवार थे। सूचना पर वन विभाग और न्यूरिया पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंच गई। जानकारी करने के बाद युवकों को थाने ले जाया गया।
थाना प्रभारी न्यूरिया सुभाष मावी ने बताया कि पूछताछ में युवकों ने बताया कि वह बरेली के प्रेमनगर क्षेत्र के रहने वाले हैं। पीटीआर के महोफ गेट नंबर एक और खटीमा मार्ग पर रात के समय बाघ दिखने की जानकारी पर वह लोग गूगल मैप के जरिए कार से यहां पहुंचे थे। रास्ता भटकने की वजह से वह रम्पुरिया गांव की ओर पहुंच गए थे।
पुलिस के अनुसार, कार में सिर्फ एक टार्च बरामद हुई। युवकों का आपराधिक इतिहास का पता लगाने के लिए स्थानीय पुलिस से संपर्क किया गया, लेकिन कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। युवक व्यापारी और नौकरी पेशा हैं। ग्रामीणों के सामने पकड़े गए युवकों के बारे में स्थिति साफ की गई। इसके बाद युवकों को छोड़ दिया गया।