बिजली कटौती के विरोध में प्रदर्शन करते लोग। संवाद
माधोटांडा। क्षेत्र में लंबे समय से जारी अघोषित बिजली कटौती और बार-बार मिल रहे आश्वासनों से नाराज ग्रामीणों का मंगलवार रात सब्र जवाब दे गया। सैकड़ों ग्रामीण रात करीब 10 बजे बिजलीघर पहुंच गए। काफी देर तक आपूर्ति बहाल न होने और कर्मचारियों की ओर से बिजली आने का अलग-अलग समय बताए जाने से आक्रोशित ग्रामीणों ने माधोटांडा-खटीमा मुख्य मार्ग पर धरना देकर जाम लगा दिया। माधोटांडा कस्बे में एक माह से बिजली व्यवस्था लड़खड़ाई हुई है। आश्वासन पर असर न होने पर ग्रामीण नाराज हो गए। सड़क पर धरने पर बैठे ग्रामीणों ने विद्युत विभाग और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बिजली कटौती की समस्या को लेकर कई बार विभागीय अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है और प्रार्थनापत्र भी दिए गए हैं। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब निर्धारित समय पर बिजली आपूर्ति नहीं की जाती तो उपभोक्ताओं को आपूर्ति बहाल होने का भ्रामक समय क्यों बताया जाता है।प्रदर्शनकारियों ने अघोषित बिजली कटौती तत्काल बंद कर निर्धारित शेड्यूल के अनुसार आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। एसडीएम कलीनगर प्रमेश कुमार ने बताया कि बिजली विभाग के अधिकारियों से वार्ता की गई है। जो समस्या है उसका समाधान कराने का प्रयास किया जा रहा है। संवाद