पूरनपुर। शाहजहांपुर में जलालाबाद-कलान मार्ग पर बना 18 सौ मीटर लंबा कोलाघाट पुल ढहने की घटना ने सबको सकते में डाल दिया है। जिले में भी कई ऐसे जर्जर पुल हैं जो हादसे को दावत दे रहे हैं। इनमें से एक है असम हाईवे पर हरदोई ब्रांच नहर पर बना पुल। वर्ष 2016 में पुल की मरम्मत कराने के बाद अफसर नए पुल निर्माण को भेजे गए प्रस्ताव को भूल गए। पुल से रोज औसतन 20 हजार से अधिक वाहनों का आवागमन होता है। पुल ढहा तब असम हाईवे से आसपास के अलावा दूर-दराज को आवागमन करने वाले वाहनों को कई किलोमीटर की दूरी अधिक तय करनी होगी। जगह-जगह लोग जाम के झाम में फंसेंगे।
असम एनएच 730 हाईवे पर नगर से 10 किलोमीटर दूर हरदोई ब्रांच नहर पर बिट्रिश काल में बना पुल वर्ष 2016 जून माह में क्षतिग्रस्त हो गया था। इससे बड़ा हादसा होते बाल-बाल बच गया था। पुल से पखवाड़ा भर आवागमन बंद रहा था। 27 जून को तत्कालीन डीएम मासूम अली सरवर ने एनएच, पीडब्ल्यूडी, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंताओं के साथ पहुंचकर निरीक्षण किया था। एनएच के अधिशासी अभियंता ने पुल की निचली सतह ठीक बताया था। पुल दो साल और चलने का तर्क देते हुए पुल की दोनों रेलिंग की मरम्मत कराने की बात कही थी। तत्कालीन डीएम ने पुल की मरम्मत के साथ पुल निर्माण का प्रस्ताव भेजने के निर्देश एनएच के अभियंता को दिए थे। मरम्मत के बाद पुल संकरा हो गया। इससे पुल पर अक्सर दिन में कई बार जाम लगता है। मगर पुल की मरम्मत कराने के बाद अफसर पुल का निर्माण करान भूल गए। जर्जर पुल हादसे को दावत दे रहा है।
पुल से प्रतिदिन 20 हजार से अधिक वाहन होते है पास
हरदोई ब्रांच नहर पुल से प्रतिदिन करीब 20 हजार से अधिक वाहन निकलते हैं। वाहनों की भारी संख्या के चलते एक ओर के वाहन पास होने के दौरान दूसरी ओर वाहनों की लंबी लाइन लग जाती है। यहीं क्रम पूरे दिन चलता रहता है। पुल से एक ओर खुटार, गोला, लखीमपुर, सीतापुर, बहराइच सहित अन्य दूर दराज को जबकि दूसरी ओर पीलीभीत, बरेली, मुरादाबाद रामपुर आदि दूर-दराज के शहरों को वाहन चलते हैं।
खुटार और पीलीभीत असाम हाईवे से भारी वाहन होंगे डायवर्ट
पुल क्षतिग्रस्त होने पर लखीमपुर की ओर से आने वाले वाहनों को खुटार के समीप और पीलीभीत की ओर से आने वाले वाहनों को पीलीभीत में असाम हाईवे से दूसरे रास्ते को डायवर्ट किया गया था। अगर दोबारा आवागमन बंद हुआ। तब फिर ऐसे ही वाहनों को दूसरे रास्ते से डायवर्ट करना होगा। इसमें वाहन सवारों को कई किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी होगी। जबकि नगर की ओर से पीलीभीत आवागमन करने वाले वाहनों को माधोटांडा या कलीनगर होते हुए आवागमन होगा।
पुल निर्माण को लेकर कई बार अफसरों को पत्राचार किया। मुख्यमंत्री को पत्र भेजा था। अफसरों ने भी पुल निर्माण का प्रस्ताव भेजा। जो शासन स्तर पर लंबित है। एक दिसंबर को लखनऊ जा रहा हूं। मुख्यमंत्री से मिलकर पुल निर्माण की स्वीकृत की मांग करूंगा।
- बाबूराम पासवान, विधायक