मानवाधिकार आयोग ने इस मामले का संज्ञान ले लिया है। मानवाधिकार आयोग कार्यालय लखनऊ की तरफ से बताया गया कि इस मामले को पंजीकृत कर लिया गया है। जिले की पुलिस की रिपोर्ट भी आ गई है। इसमें हार्ट अटैक से मौत होना बताया गया है। मानवाधिकार आयोग की जांच में अब बरखेड़ा पुलिस को तमाम सवालों के जवाब देने होंगे।
थाने के पुलिसकर्मियों में खलबली
पुलिस हिरासत में हुई वशी की मौत के बाद बरखेड़ा थाने के पुलिसकर्मियों ने चुप्पी साध ली है। कोई कुछ बताने को तैयार नहीं। जांच में 27 अक्तूबर को बरखेड़ा थाने के पहरा से लेकर जीडी में इंट्री करने वाले मुंशी, थाने के नाइट इंचार्ज, हवालात पहरा सबसे पूछताछ हो सकती है। सीएचसी में भर्ती कराने वाले दरोगा मनवीर सिंह व जिला अस्पताल में भर्ती कराने वाले सिपाही अंकित कुमार को भी जवाब देना होगा। इससे थाने के पुलिसकर्मियों में खलबली मची हुई है।