बुधवार को सुबह से वोट डालने के लिए आने वाले इन परिवारों की भीड़ नदी पर देखने को मिली। पुरुषों के साथ महिलाएं और युवा भी पीछे हटते दिखाई नहीं दिए। राधे राना ने बताया कि हर बार उम्मीदों को आगे रखकर वोट जरूर करते हैं।
लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए मतदान में भागीदारी वोटर के लिए जरूरी है, लेकिन लंबी दूरी और उसमें भी कई समस्याओं के आड़े आने के बाजवूद वोट डालने का उत्साह पीलीभीत के थारू परिवारों से ही सीखा जा सकता है।
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दरअसल कलीनगर तहसील में ढकिया ताल्लुके महाराजपुर के मौजा गोरख डिब्बी और थारू पटटी में करीब 170 परिवार रहते हैं। इनमें वोटरों की संख्या भी पांच सौ के करीब है। वोट डालने के लिए गांव से सात किमी की दूरी तय कर नदी पर आना पड़ता है।
नाव से नदी को पार कर फिर तीन किमी की दूरी तय कर नगरिया खुर्द और रमनगरा क्षेत्र के बूथों पर आकर वोट डाल पाते हैं। बुधवार को सुबह से वोट डालने के लिए आने वाले इन परिवारों की भीड़ नदी पर देखने को मिली। पुरुषों के साथ महिलाएं और युवा भी पीछे हटते दिखाई नहीं दिए। राधे राना ने बताया कि हर बार उम्मीदों को आगे रखकर वोट जरूर करते हैं।