पूरनपुर। गन्ना कृषक स्नातकोत्तर महाविद्यालय में स्नातक की कक्षाएं गुलजार हैं। छात्र-छात्राएं की बेहतर मौजूदगी से महाविद्यालय में नियमित रौनक बढ़ रही है। छात्र-छात्राओं का कहना है कि महाविद्यालय में उच्च शिक्षक की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही शासन की मंजूरी मिलने के बाद रौनक और भी बढ़ जाएगी। वहीं, महाविद्यालय प्रबंधन का कहना है कि एमए गृह विज्ञान और शिक्षा शास्त्र विषय के साथ ही एमएससी (कृषि) की कक्षाएं शुरू कराने की कवायद भी तेज हो गई है।
गन्ना विभाग की ओर से इस महाविद्यालय का संचालन किया जा रहा है। वर्तमान में महाविद्यालय में बीए, बीकाम, बीएससी कृषि और एमए की छह विषयों में पढ़ाई हो रही है। साथ ही एनसीसी और एनएसएस की भी मान्यता है। यहां करीब दो हजार विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। छात्र-छात्राओं की बेहतर मौजूदगी से कक्षाएं और परिसर हर समय गुलजार रहता है। महाविद्यालय प्रबंधन का कहना है कि नियमित पढ़ाई पर जोर देने के प्रयास जारी है। छात्र-छात्राओं की संख्या के आगे कक्षाएं की कमी महसूस हो रही है। इसको देखते हुए महाविद्यालय में चार नए कक्षों का निर्माण भी हो रहा है। वहीं प्रबंधक का दावा है कि बालिका छात्रावास के निर्माण को भी हरी झंडी मिल चुकी है।
छात्रावास बन जाने के बाद दूरदराज से आने वाली छात्राओं को पढ़ाई में सुविधा हो सकेगी। कॉलेज प्रबंधन का मानना है कि अनुदान सूची में शामिल कराने को परैवी की जा रही है। इसमें सफलता मिलने से छात्रों को नाममात्र शुल्क पर उच्च शिक्षा उपलब्ध हो सकेगी, जिससे ग्रामीण व आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को बड़ा सहारा मिलेगा।
प्राचार्य डॉ. सुधीर कुमार शर्मा ने बताया कि महाविद्यालय में पर्याप्त स्टाफ मौजूद है और जैसे ही शासन से अनुमति मिलेगी, नई कक्षाओं की पढ़ाई शुरू करा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अनुदान सूची में शामिल होना संस्था के इतिहास का अहम पड़ाव होगा, इससे न सिर्फ शिक्षण गुणवत्ता बढ़ेगी बल्कि विद्यार्थियों का आर्थिक बोझ भी कम होगा।