फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मां-बाप का झगड़ा...दो बेटियों ने दी जान: आखिरी सांस तक था गुस्सा, इलाज न करवाने पर अड़ी, ये अरमान रह गया अधूरा

Mon, 04 Sep 2023 03:37 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, पीलीभीत

सार

पीलीभीत से सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां दो बेटियों ने सिर्फ इसलिए मौत को गले लगा लिया, क्योंकि उनकी मां और पिता के बीच विवाद रहता था। आखिरी सांस तक दोनों का गुस्सा कायम रहा। वे इलाज कराने तक के लिए तैयार नहीं थीं। दोनों ने साथ-साथ जहर खाया और साथ में ही दम तोड़ दिया।
विज्ञापन
बरेली में दो लड़कियों ने की आत्महत्या - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पीलीभीत के पूरनपुर में सभासद आसिम की बेटियां कशिश और मुन्नी मां-बाप के आए दिन के झगड़े से इस कदर आहत हो गई थीं कि उन्होंने जीने की ख्वाहिश ही छोड़ दी। रविवार को दोनों ने जहर खा लिया, जिससे दोनों की मौत हो गई। 
विज्ञापन


आखिरी सांस तक दोनों का गुस्सा कायम रहा। वे इलाज कराने तक के लिए तैयार नहीं थीं। दोनों ने साथ-साथ जहर खाया और साथ में ही दम तोड़ दिया। दोनों होनहार बहनों की मौत से मोहल्ले के लोग सकते में हैं। 

कशिश और मुन्नी के माता-पिता में कई दिनों झगड़ा हो रहा था। दरअसल, आसिम की पत्नी सिम्मी को शक था कि आसिम छिप कर अपने भतीजों की आर्थिक मदद करते हैं। इसी को लेकर दोनों के बीच आए दिन झगड़ा होता था। कशिश और मुन्नी इसे लेकर मानसिक रूप से परेशान थीं, लेकिन घर में कोई भी इसे समझने को तैयार नहीं था। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ेंछात्रा ने दी जान: दूसरे समुदाय के युवक ने इंस्टाग्राम पर डाला आपत्तिजनक वीडियो, आहत किशोरी ने खाया जहर

मोहल्ले के लोगों के मुताबिक दोनों साथ बैठकर चर्चा करती थीं कि आखिर कब उनके माता-पिता का झगड़ा खत्म होगा। रविवार को तो पति-पत्नी में विवाद इतना बढ़ गया कि सिम्मी मायके जाने की तैयारी करने लगीं।  इसके बाद गुस्से में आईं दोनों बेटियों ने अपनी जीवन लीला समाप्त करने की ठान ली। 

दोनों ने दोपहर करीब 12.30 बजे एक साथ जहर खा लिया। पहले कशिश की हालत खराब होने पर उसे सीएचसी लाया गया। कुछ ही देर में छोटी बहन मुन्नी की भी हालत खराब होने लगी। दोनों इस कदर गुस्से में थी कि सीएचसी में इलाज तक नहीं करा रहीं थीं। 

सीएचसी के डॉ. सौरभ गंगवार की मानें तो उन्होंने दोनों को उल्टियां कराने का प्रयास किया लेकिन वे दवा लेने के लिए तैयार नहीं थी। डॉक्टर ने बताया कि दोनों बहनें जब अस्पताल लाई गईं तब तक उनकी हालत बहुत गंभीर हो चुकी थी। वे इलाज में सहयोग भी नहीं कर रही थीं।  

कोटा भेजने का अरमान रह गया अधूरा
आसिम रजा की दोनों पुत्रियां पढ़ने में होशियार थीं। दोनों में अच्छे नंबर लाने की होड़ रहती थी। आसिम रजा ने बताया कि दोनों पुत्रियों के मेधावी होने के चलते उनको पढ़ाई के लिए कोटा भेजने की सोच रहे थे। मगर दोनों की मौत ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया।
 
विज्ञापन

पोस्टमार्टम को लेकर रात तक चलती रही जद्दोजहद
दोनों बेटियों की मौत के बाद आसिम रजा व उनका परिवार पूरी तरह से टूट गया। बेटियों की मौत के बाद परिवार वाले शवों का पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते। पुलिस शवों का पोस्टमार्टम कराना चाह रही थी। देर शाम तक इसको लेकर परिजन की पुलिस अधिकारियों से बातचीत चल रही थी। रात करीब पौने नौ बजे पुलिस ने दोनों के शव पोस्टमार्टम को भेजे।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें