दोनों ने दोपहर करीब 12.30 बजे एक साथ जहर खा लिया। पहले कशिश की हालत खराब होने पर उसे सीएचसी लाया गया। कुछ ही देर में छोटी बहन मुन्नी की भी हालत खराब होने लगी। दोनों इस कदर गुस्से में थी कि सीएचसी में इलाज तक नहीं करा रहीं थीं।
सीएचसी के डॉ. सौरभ गंगवार की मानें तो उन्होंने दोनों को उल्टियां कराने का प्रयास किया लेकिन वे दवा लेने के लिए तैयार नहीं थी। डॉक्टर ने बताया कि दोनों बहनें जब अस्पताल लाई गईं तब तक उनकी हालत बहुत गंभीर हो चुकी थी। वे इलाज में सहयोग भी नहीं कर रही थीं।