शुल्क से मुक्त रखने की मांग
व्यापारियों ने सरकार से पारंपरिक कारोबार के लिए शुल्क रहित व्यवस्था जारी रखने अथवा छोटे और मध्यम व्यापारियों को प्रस्तावित शुल्क से पूरी तरह मुक्त रखने की मांग की। उनका कहना है कि यदि शुल्क लागू करना जरूरी हो तो ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे इसका असर व्यापारियों के सीमित मुनाफे पर न पड़े। शुल्क के बदले मिलने वाली कर संबंधी छूट और समायोजन की व्यवस्था भी पूरी तरह स्पष्ट किए जाने की मांग उठाई गई।
व्यापार मंडल ने कहा कि शुल्क लागू करने से पहले व्यापारिक संगठनों से व्यापक विचार-विमर्श किया जाना चाहिए। पदाधिकारियों के अनुसार स्थानीय व्यापारी केवल सामान बेचने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वह रोजगार देने के साथ ही स्थानीय आपूर्ति व्यवस्था और बाजार की निरंतरता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के साथ पारंपरिक कारोबार की आर्थिक क्षमता को सुरक्षित रखना भी जरूरी है।
ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष अभिषेक अग्रवाल, युवा जिलाध्यक्ष दीप अग्रवाल, जिला उपाध्यक्ष प्रियांश अग्रवाल, महामंत्री रजत बंसलिया, हर्षल सिंह, तुषार, शिवेश अग्रवाल, शुभम गुप्ता, माधव गुप्ता सहित बड़ी संख्या में व्यापारी और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।