पीलीभीत में तराई की हरियाली, जंगलों की सरसराहट और बाघों की दहाड़ सुनने का इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व का पर्यटन सत्र इस बार एक नवंबर से शुरू हो जाएगा। मगर जंगल की इस खूबसूरत सैर में रोमांच के साथ कठिनाई भी साथ चलेगी। टूटी पुलिया और जर्जर रास्ते अब भी सैलानियों की राह में रोड़ा बने हुए हैं। मुख्य पर्यटन स्थल मुस्तफाबाद एंट्री प्वाइंट तक पहुंचने में पर्यटकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।
प्राकृतिक सुंदरता से परिपूर्ण पीटीआर का प्रमुख पर्यटन स्थल चूका बीच पूरनपुर-खटीमा मार्ग पर महोफ रेंज में स्थित है। इस बार पर्यटन सत्र 15 नवंबर के बजाय एक नवंबर से शुरू किया जा रहा है। इससे पीटीआर को अधिक राजस्व और गाइडों व चालकोंं को अतिरिक्त आमदनी होने की संभावना है।
लालपुल के निकट प्रवेश द्वार है। पर्यटन सत्र को लेकर टाइगर रिजर्व प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। रंगाई पुताई और जंगल सफारी मार्गों को दुरुस्त करने पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन मुस्तफाबाद पहुंचने के लिए मुख्य मार्ग पर स्थित हरदोई ब्रांच नहर के डगा और कलीनगर पुल सिंचाई विभाग ने जर्जर हालात के चलते बंद कर रखे हैं। तीसरे पुल से होकर आने वाले पर्यटकों को अब खडंजे युक्त उबड़-खाबड़ रास्ते से गुजरना होगा। वहीं माधोटांडा-पीलीभीत मार्ग पर सात किलोमीटर का भाग जर्जर पड़ा है। ऐसे में यात्रा लंबी और थकाऊ हो जाती है।