पूरनपुर। जंगल किनारे गांव पताबोझी के किसान छोटे लाल को मार डालने के बाद बाघ की चहलकदमी गांवों के समीप नहीं रुक रही है। बाघ के पंजों के निशान लगातार आबादी के समीप मिलने पर उसे पकड़ने को अब लोहारपुर के समीप पिंजरा लगाया गया है।
जंगल किनारे खेत की रखवाली कर रहे गांव पताबोझी के किसान छोटे लाल को बाघ ने 11 नवंबर को मार डाला था। उसका अधखाया शव अगले दिन खेत और जंगल की झाड़ियों में मिला था। बाघ को जंगल के अंदर खदेड़ने के लिए हाथी भी बुलाए गए।
निगरानी को टीम लगी होने के बाद बाघ ने पिछले महीने ही भगवंतापुर रोड पर गांव मुझा के समीप छुट्टा बछड़े को मार दिया। इससे एक दिन पहले बाघ ने गांव गुलड़हा के समीप सांड़ को मार दिया और उसका कुछ हिस्सा खा गया था। तब से बाघ की चहलकदमी गांव के समीप होने से लोग दहशत में है। बाघ की चहलकदमी को लेकर चार दिसंबर को दो कैमरे भी लगाए गए थे। शनिवार को भी गांव लोहरपुर के समीप बाघ देखा गया।
सूचना पर पहुंची सामाजिक वानिकी की टीम को बाघ के पंजों के निशान मिले। सामाजिक वानिकी के रेंजर सरवन लाल ने बताया कि गांव लोहरपुरा के समीप बाघ को पकड़ने को अफसरों के आदेश पर पिंजरा लगवाया गया है। पिंजरा में बाघ के शिकार के लिए बकरी को बांधा गया है। संवाद