माला-कंजा हरैया गांव के पास बाघ होने की जानकारी पर लगी लोगों की भीड़। संवाद
गजरौला। थाना क्षेत्र में पीलीभीत टाइगर रिजर्व के जंगल से निकलकर एक बाघ माला-कंजा हरैया गांव के धान के खेत में पहुंच गया। सोमवार को खेत में चीतल का शव मिलने और धान की गिरी फसल के बीच बाघ दिखाई देने से आसपास के ग्रामीणों में दहशत फैल गई। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी। हालांकि, चीतल का शिकार बाघ ने ही किया है, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।
माला कॉलोनी निवासी गोपाल नाग पुत्र अनंत नाग अपने खेत की रखवाली करने पहुंचे थे। वहां उन्हें धान के खेत में एक चीतल मृत अवस्था में पड़ा मिला। जंगल के नजदीक होने के कारण इस क्षेत्र में जंगली जानवरों की आवाजाही बनी रहती है। ग्रामीणों के अनुसार, जंगल की सीमा पर लगी तार फेंसिंग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त है। इससे वन्यजीवों के बाहर निकलकर खेतों तक पहुंचने की आशंका बनी रहती है।
चीतल का शव मिलने के बाद खेत मालिक ने आसपास नजर दौड़ाई। शुरुआत में उन्हें बाघ दिखाई नहीं दिया। इसके बाद जब वह खेत के बीच गिरी हुई धान की फसल की ओर बढ़े तो वहां एक बाघ लेटा नजर आया। अचानक सामने बाघ को देखकर वह पीछे हट गए। घटना की जानकारी मिलने पर आसपास के खेतों में काम कर रहे किसान भी सतर्क हो गए
सूचना मिलने पर सामाजिक वानिकी की टीम मौके पर पहुंची और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया। टीम ने चीतल के शव को वहां से हटाया। डीएफओ भरत कुमार डीके के अनुसार, मौके पर किसी वन्यजीव के पैरों के स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं। ऐसे में चीतल की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। बाघ की मौजूदगी को लेकर भी मौके पर सतर्कता बरती गई।