पूरनपुर। गांव कबीरगंज के समीप सुतिया नाले के किनारे बंधी भैंस को खोलने गए लखीमपुर खीरी के पलिया के नसरूल्ला रंगरेजन गांव निवासी शब्बीर (55) को बाघ ने घायल कर दिया। शोर-शराबा पर बाघ शब्बीर को छोड़कर झाड़ियोंं में चला गया। घायल ग्रामीण को पलिया, लखीमपुर फिर लखनऊ इलाज के लिए ले जाया गया।
घटना रविवार शाम को हजारा थाना क्षेत्र के गांव कबीरगंज के समीप सुतिया नाले के पास की है। पलिया के शब्बीर का फार्म हाउस गांव कबीरगंज में है। फार्म हाउस में उनका कर्मचारी परिवार सहित रहता है। रविवार को शब्बीर भी फार्म हाउस देखने पहुंचा था। वह सुतिया नाले के समीप चरने के लिए बंधी भैंस को खोलने गया था।
इसी दौरान झाड़ियों से निकले बाघ ने उसकी गर्दन पर हमला कर उसे लहूलुहान कर दिया। शोर-शराबे पर बाघ शब्बीर को छोड़कर झाड़ियों में चला गया। सूचना पर संपूर्णानगर रेंजर ललित कुमार टीम के साथ पहुंचे। उन्होंने बताया कि घटनास्थल के समीप बाघ के पैरों के निशान मिले हैं। बाघ की निगरानी के लिए टीम लगाई गई है।
घायल को इलाज के लिए पलिया सीएचसी ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे लखीमपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। गंभीर हालत में उसे लखीमपुर से इलाज के लिए लखनऊ ले जाया गया है।
रामनगर, भरतपुर के समीप दिखने वाले बाघ के हमले की आशंका
पूरनपुर। गांव भरतपुर, रामनगर के समीप पिछले कई दिन से चहलकदमी कर रहे बाघ के ही कबीरगंज पहुंचकर शब्बीर पर हमला करने की आशंका वन विभाग के अफसर जता रहे हैं। रामनगर से घटनास्थल करीब आठ किलोमीटर की दूरी पर है। संपूर्णानगर के रेंजर ने बताया कि बाघ 10 से 15 किलोमीटर घूमता है। भरतपुर, रामनगर के समीप चहलकदमी करने वाला बाघ ही कबीरगंज के समीप पहुंचा है। संवाद
सावधानी बरतने की अपील
पूरनपुर। गांव कबीरगंज में घटनास्थल पर पहुंचे रेंजर ने सुतिया नाला के समीप चरने के लिए बांधी गई भैंस को लेकर आपत्ति जताई। कहा कि जब बाघ की क्षेत्र में चहलकदमी है, तब सुतिया नाले की झाडिय़ों के किनारे भैंस को नहीं बांधना चाहिए था। उन्होंने लोगों से बाघ की चहलकदमी पर आसपास के लोगों को सतर्क रहने की अपील की। संवाद
भरतपुर से हटाया पिंजरा, कबीरगंज के समीप लगाने की तैयारी
पूरनपुर। बाघ को ट्रेंक्यूलाइज कर पकड़ने और तेंदुआ को पकड़ने की स्वीकृत मिलने के बाद बाघ के एक स्थान पर न रुकने से उसे ट्रेंक्यूलाइज नहीं किया जा पा रहा है। ट्रेंक्यूलाइज के लिए उसके एक स्थान पर रुकने का वन विभाग के अफसर इंतजार कर रहे हैं। गांव भरतपुर और रामनगर के समीप पिंजरा लगाया गया था। मगर बाघ के स्थान बदलने पर अब गांव भरतपुर के समीप लगाया गया पिंजरा कबीरगंज के समीप लगाने की तैयारी कर पिंजरा को गांव कबीरगंज के समीप सोमवार को पहुंचा दिया गया। संवाद