पीलीभीत। पीटीआर में बाघ और तेंदुए ही नहीं बल्कि पक्षियों का भी अद्भुत संसार है। इसमें कई विलुप्त प्रजाति के पक्षी भी हैं जो देश के जंगलों के मुकाबले सिर्फ पीटीआर में ही दिखते हैं। पर्यटन सत्र के दौरान पक्षियों की चहचहाहट सैलानियों को आकर्षित करती है। यहीं वजह है कि सत्र के दौरान देश और विदेश के कई प्रसिद्ध बर्ड वॉचर पीटीआर का भ्रमण करने आ चुके हैं।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व का अनुकूल वातावरण बाघों के लिए मुफीद माना जाता है। बाघों के बढ़ते कुनबे के पीछे यहां का बेहतर वासस्थल के साथ भोजन और पानी की पर्याप्त व्यवस्था वजह मानी जाती है। जो सिर्फ बाघों के लिए ही नहीं बल्कि पक्षियों के लिए भी मुफीद साबित होती है। पर्यटन सत्र के दौरान बर्ड वाॅचर पीटीआर में भ्रमण कर पक्षियों की खूबसूरती को करीब से निहारते हैं।
तराई क्षेत्र के इस जिले में नहरों का जाल, शारदा डैम की वादियां और बेहतर ग्रासलैंड के बीच में स्थित जंगल पर्यटकों को काफी सुकून देता है। अब तक पर्यटन सत्र के दौरान बाघ और तेंदुए के दीदार की चाह सैलानियों को पीटीआर आने पर मजबूर करती थी, लेकिन पूर्व से देखा जा रहा है कि पीटीआर में पक्षियों का निराली दुनिया भी सैलानियों को यहां आने पर मजबूर कर रही है। पिछले सत्र में ही करीब 50 से अधिक बर्ड वाॅचर पीटीआर भ्रमण के लिए आए और कई दिनों तक रुककर पक्षियों को करीब से देखा और उनके चित्र कैमरों में कैद किए। (संवाद)
पक्षियों की 326 प्रजातियां, इनमें से 12 अधिक हैं खास
पीटीआर में पक्षियों की बात करें तो यहां करीब 326 पक्षी मूल रूप से निवास करते हैं। जिसमें ब्लैक फ्रानकोलिन, इंडियन पी फाउल, ट्री पाई, रैड जंगल फाउल, ड्रोन्गो, मुनिया, स्टोन चैट, पोचार्ड, मालार्ड, श्राइक, बंटिंग, सन बर्ड, फ्लोवर पीकर, बैकटेल, फ्लाईकैचर, लैपविंग शामिल हैं। वहीं वैश्विक महत्व के पक्षियों में वल्चर, ईगल, सिलेटी बुडपैकर, स्वाम्प फ्रानकोलिन व बंगाल फ्लोरिकन शामिल हैं।
पक्षी विशेषज्ञ को देखने को मिलीं थीं पक्षियों की 60 प्रजातियां
पीटीआर में पक्षियों की बेहतर स्थिति देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी है। पिछले सत्र में यहां अंतरराष्ट्रीय पक्षी विशेषज्ञ रिचर्ड ग्रिमेट, टिम इंस्किप और कैरल इंस्किप ने अपने दल के साथ भ्रमण किया था। तीन दिन तक रुकने के साथ उन्होंने यहां पक्षियों की 60 प्रजातियां देखी थीं। जिसकी उन्होंने खुलकर प्रशंसा भी की थी।
महोफ और बराही के जंगल में दिखता है दुर्लभ बंगाल फ्लोरिकन
पीटीआर में दुर्लभ पक्षी बंगाल फ्लोरिकन भी शोभा बढ़ाता है। इस अद्भुत पक्षी को पीटीआर के महोफ और बराही रेंज में देखा जा सकता है। फरवरी से मई के बीच बंगाल फ्लोरिकन ग्रासलैंड क्षेत्र में दिखाई देता है। यह जंगली तीतर या वन तीतर फीजैन्ट कुल का एक पक्षी है। इसका मूल निवास गंगा और ब्रह्मपुत्र नदियों की घाटियों में है
सात प्रकार के गिद्ध और 10 प्रकार के उल्लू भी हैं यहां
पीलीभीत टाइगर रिजर्व में पक्षियों के विशाल साम्राज्य को खास बनाने के लिए यहां करीब सात प्रकार के गिद्ध और 10 प्रकार के उल्लू की मौजूदगी भी है। विलुप्त हो रहे गिद्ध की संख्या ही 250 से अधिक हैं। जो बराही और हरीपुर रेंज के जंगलों में दिखाई देती है।
पीटीआर में पक्षियों की 350 से अधिक प्रजातियों को चिह्नित किया गया है। जिसमें 326 प्रजातियों की डिटेल्स को पीलीभीत टाइगर रिजर्व को सौंप दिया गया है। इन प्रजातियों में 12 वैश्विक महत्व की संकटग्रस्त प्रजातियां हैं।
- अख्तर मियां, अध्यक्ष वाइल्ड लाइफ कंजर्वेशन सोसायटी
ग्रे हेडेड केनरी फ्लाईकैचर।
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