निर्माणाधीन ओवरब्रिज के सर्विस लेन पर वाहन से गुजरने से उठती धूल। संवाद
पीलीभीत। शहरवासियों को आवागमन में सुविधा और जाम से राहत दिलाने को बनाया जा रहा असम चौराहे का ओवरब्रिज अब खुद ही मुसीबत का कारण बन गया है। तीन बार अवधि बढ़ने के बाद भी 20 प्रतिशत काम अब भी अधूरा है।
वहीं, जगह-जगह बिखरा मलबा, निर्माण सामग्री और टूटी-फूटी सड़क ने आवागमन को जोखिम भरा बना दिया है। बार-बार समय सीमा बढ़ने के बावजूद धीमी रफ्तार से चल रहे कार्य ने लोगों की उम्मीदों को मायूसी में बदल दिया है।
शहर के व्यस्ततम असम चौराहा पर 650 मीटर लंबे ओवरब्रिज के निर्माण को वर्ष 2020 में शासन ने मंजूरी दी थी और 98 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया था। वर्ष 2022 में आगरा की कार्यदायी संस्था गिरिराज जी ने ओवरब्रिज का कार्य शुरू कराया था।
जून 2024 तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन काम समय पर पूरा नहीं हो सका। इसके बाद समय सीमा बढ़ाकर 31 दिसंबर 2024 की गई। तब भी कार्य अधूरा रहा और अब तीसरी बार अवधि बढ़ाकर जून 2025 कर दी गई थी, लेकिन तीसरी बार की मियाद में भी कार्यदायी संस्था कार्य को पूरा नहीं कर सकी। स्थिति यह है कि कार्य अभी करीब 20 फीसदी से अधिक अधूरा है और निर्माण क्षेत्र में अव्यवस्था हावी है। कार्यदायी संस्था की ओर मियाद बढ़ाने को लेकर पत्राचार भी किए गए हैं।
निर्माणाधीन ओवरब्रिज के सर्विस लेन पर वाहन से गुजरने से उठती धूल। संवाद