पीलीभीत में रविवार की सुबह आसमान में छाया घना कोहरा।संवाद
पीलीभीत। तराई में पांच दिन बाद रविवार को दोपहर बाद धूप खिली तो लोगों ने थोड़ी राहत महसूस की। हालांकि, इससे पहले सुबह से दोपहर 12 के बाद तक घना कोहरा छाया रहा। दृश्यता कुछ मीटर ही रही। इस वजह से चालक वाहन की हेडलाइट जलाकर धीमी गति से गुजरते दिखे। शाम होते ही फिर गलन बढ़ गई। नए साल की शुरुआत से ही तराई में मौसम का मिजाज बदला है। दिनों दिन ठंड में इजाफा हुआ। तापमान में भी लगातार गिरावट दर्ज की गई। पिछले दो दिन से जिले भर में घने कोहरे की चादर छाने के साथ ही शीतलहर और गलन से लोग ठिठुरने पर मजबूर हुए।
रविवार को मौसम में फिर बदलाव हुआ। सुबह से छाया घना कोहरा दोपहर तक बना रहा। दोपहर 12 बजे के बाद धूप खिलनी शुरू हुई। एक घंटे में ही धूप में तेजी आ गई। इससे लोगों ने राहत महसूस की। लोग घरों के बाहर निकलकर धूप सेंकते दिखे। सड़कों पर आवाजाही बढ़ने के साथ ही बाजारों में भी भीड़ दिखी।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसएस ढाका ने बताया कि रविवार को अधिकतम तापमान 16.1 व न्यूनतम तापमान 8.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शनिवार को अधिकतम 14.7 और न्यूनतम तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
फसलों को पाले से बचाएं
मौसम में उतार-चढ़ाव को देखते हुए कृषि फसलों का ध्यान रखने को लेकर एडवाइजरी जारी की गई है। शीतलहर और पाला से फसलों में होने वाले नुकसान को रोकने के लिए बोर्डाे मिश्रण या कॉपर ऑक्सी-क्लोराइड, फाॅस्फोरस और पोटेशियम का छिड़काव करें। शीतलहर के दौरान जहां भी संभव हो हल्की और बार-बार सतही सिंचाई करें। बागवानी और बगीचों में इंटरक्रॉपिंग खेती का उपयोग करें।
पीलीभीत में रविवार की सुबह आसमान में छाया घना कोहरा।संवाद