- कई जगह लगाया गया जाल, फिर भी नहीं लगा सुराग
- बरखेड़ा के जारकलिया गांव का मामला, गमगीन माहौल
नहर मेें छलांग लगाने वाली मजदूर की नाबालिग बेटी का दूसरे दिन भी कोई सुराग नहीं लग सका। ग्रामीणों के साथ मिलकर घरवाले किशोरी को तलाशने में जुटे रहे। कई जगह जाल भी लगाया गया, लेकिन असफल रहे। उधर, गांव वाले पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने में जुटे हुए हैं।
बतादें कि बरखेड़ा क्षेत्र के जारकलिया गांव के रहने वाले मजदूर नंदलाल की मानसिक अस्वस्थ सोलह वर्षीय बेटी मंजू ने शुक्रवार को अचानक घर से दौड़ लगाई और कुछ दूरी पर स्थित बीसलपुर ब्रांच नहर में छलांग लगा दी थी। बड़ी बेटी सरिता के शोर मचाने पर गांव के लोगों को पता लगा। जिसके बाद से किशोरी की तलाश लगातार जारी है। दूसरे दिन शनिवार सुबह से दुबारा घर वाले ग्रामीणों संग नहर में डूबी किशोरी का पता लगाने में जुटे रहे। नहर के आगे की ओर के हिस्से में जाल लगाकर भी तलाशा गया, लेकिन सारे प्रयास असफल रहे है। उधर, चौबीस घंटे पूरे होने के बाद घर वालों की चिंता बढ़ गई है, जिसके चलते घर का माहौल गमगीन बना हुआ है। गांव के तमाम लोग पीड़ित परिवारीजनों को ढांढस बंधाने में जुटे हैं। एसओ ओमहरि बाजपेई ने बताया कि किशोरी की तलाश दूसरे दिन भी की गई, लेकिन अभी कोई पता नहीं लग सका है।