मानव संसाधन विकास मंत्रालय का प्रोजेक्ट
बेसिक शिक्षा महकमे ने स्कूलों की सूची शासन को भेजी
गृहणियां, डॉक्टर, अधिकारी आदि भी दे सकेंगी सेवाएं
मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा शुरू की गई विद्यांजलि योजना पायलट प्रोजेक्ट के रूप में जिले में भी शुरू की जाएगी। यह योजना सरकारी स्कूलों में शुरू की जानी है। बेेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूलों की सूची शासन को भेज दी है। सरकारी स्कूलों में बच्चों के कौशल एवं व्यक्तित्व विकास के लिए शिक्षकों के अलावा जो लोग अपने गांव या इलाके के सरकारी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाई में या उनके हुनर या फिर उनके व्यक्तित्व विकास में मदद करना चाहते हैं, उनकी मुराद पूरी होने जा रही है। केंद्र सरकार द्वारा देश के 21 राज्यों में विद्यांजलि योजना शुरू की गई है। यह योजना प्रदेश के करीब 200 सरकारी स्कूलों में शुरू की जानी है। पायलट प्रोजेक्ट के रुप में इसे अपने जिले में चलाया जाएगा। इसके तहत राज्य परियोजना कार्यालय लखनऊ द्वारा बीएसए से जिले के पांच स्कूलों को चिंहित कर उसकी सूची मांगी गई थी। इधर बेसिक शिक्षा महकमे ने अलग अलग ब्लाकों के पांच परिषदीय स्कूलों को चिंहित कर उनकी सूची शासन को भेज दी है। यदि सबकुछ ठीक ठाक रहा तो जल्द ही जिले के इन पांचों स्कूलों में योजना शुरू हो जाएगी।
गृहणी से लेकर अधिकारी तक ले सकेंगे हिस्सा
इस योजना के तहत गृहणियों से लेकर डॉक्टर, सेवानिवृत्त अधिकारी/कर्मचारी, रक्षाकर्मी, शिक्षक शामिल किए जाएंगे। इसके लिए इच्छुक व्यक्ति को अपनी पसंद के स्कूल के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
इन पांच स्कूलों को किया गया चिन्हित
- जूनियर हाईस्कूल बरहा
- उच्च प्राथमिक विद्यालय टाहपौटा
- उच्च प्राथमिक विद्यालय बिलसंडा
- उच्च प्राथमिक विद्यालय रिछौला सबल
- उच्च प्राथमिक विद्यालय मसीत
विद्यांजलि योजना जिले में भी पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चलाई जानी है। राज्य परियोजना कार्यालय द्वारा स्कूलों की सूची मांगी गई थी। स्कूलों को चिन्हित कर सूची भेज दी गई है।
- अंबरीष कुमार यादव, बीएसए