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Pilibhit News: गजरौला-बरखेड़ा मार्ग पर दो माह तक भारी वाहनों की आवाजाही पर ब्रेक

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बरखेड़ा-गजरौला मार्ग पर इसी स्थान पर होना है निर्माण संवाद
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पीलीभीत/ बरखेड़ा। बरखेड़ा से दौलतपुर, उगनपुर- सुहास होकर गजरौला जाने वाली सड़क से भारी वाहनों की आवाजाही पर दो माह के लिए ब्रेक लगा है। बाढ़ के समय गांव प्रतापडांडी के पास कटी पुलिया के निर्माण की वजह से इन वाहनों का मार्ग बदला गया है। यह व्यवस्था एक मार्च से लागू होगी। इस मार्ग से गुजरने वाले भारी वाहनों को वैकल्पिक रास्तों से निकाला जाएगा।
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जुलाई 2024 में आई बाढ़ में बरखेड़ा-गजरौला मार्ग पर गांव प्रतापडांडी के पास पुलिया कट गई थी। लोक निर्माण विभाग ने मिट्टी आदि से अस्थायी रास्ता बनाकर आवागमन तो शुरू करा दिया, लेकिन पुलिया निर्माण में डेढ़ वर्ष से अधिक समय लग गया। करीब एक करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत होने के बाद विभाग अब पुलिया के स्थान पर कल्वर्ट बॉक्स का निर्माण करा रहा है। इसको लेकर बरखेड़ा-गजरौला मार्ग से गुजरने वाले ट्रक, डीसीएम, बस, ट्रैक्टर-ट्राला आदि भारी वाहनों का रूट बदला गया है। यह वाहन एक मार्च से 30 अप्रैल तक वैकल्पिक रास्तों से निकाले जाएंगे। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड-एक के एक्सईएन ने पत्र जारी किया है।

इन मार्गों से गुजरेंगे भारी वाहन, आठ से दस किमी का चक्कर
एक्सईएन एसके जैन ने बताया कि रूट डायवर्जन की अवधि में गजरौला से बरखेड़ा जाने वाले भारी वाहन नगरा चौराहे से दायें मुड़कर पौटा कलां होकर बरखेड़ा की तरफ जाएंगे। वहीं, बरखेड़ा से गजरौला जाने वाले वाहन भी पौटा से नगरा चौराहा होकर जाएंगे। बदले मार्ग से आवागमन में वाहनों को आठ से 10 किलोमीटर का चक्कर काटना होगा।
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दिक्कत झेल रही 20 से अधिक गांवों की 50 हजार आबादी

बरखेड़ा-गजरौला पर पुलिया कटी होने से 20 से अधिक गांवों की करीब 50 हजार आबादी को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस मार्ग पर रंपुरा नत्थू, भोपतपुर, लखनऊ कला, अमखेड़ा लखनऊ, कांजरबोझी, गंजरहा, मधपुरी, मसीत, दौलतपुर पट्टी, अरसिया बोझ आदि गांव है। साथ ही पूरनपुर हाईवे जाने वाले लोग भी इस मार्ग का प्रयोग शार्टकट के रूप में करते हैं। नवाबगंज से पूरनपुर जाने वाले लोग भी इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। टोल बचाने के लिए भी इस मार्ग का उपयोग किया जाता है। संवाद
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