पर्यटकों को अब 15 नवंबर तक करना होगा इंतजार
मानसून का मौसम शुरू होने के चलते टाइगर रिजर्व को पांच माह के लिए बंद किया जा रहा है। सात माह के इस सीजन में रिकार्ड 17 हजार पर्यटकों ने इसका लुत्फ उठाया। इससे टाइगर रिजर्व को लगभग 31 लाख रुपये की आय हुई है।
नौ जून 2014 को जिले के जंगल को टाइगर रिजर्व का दर्जा दिया गया था। इसके बाद से ही पर्यटक प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद उठाने पहुंच रहे हैं। बरसात में बंद रहने के बाद गत वर्ष से 15 नवंबर को खोला गया। तब से अब तक सात माह के सीजन में सीमित साधनों एवं सुविधाओं के बावजूद पर्यटकों की संख्या में काफी बढ़ोत्तरी हुई है। आंकड़ों की बात करें तो गत वर्ष जहां पूरे सीजन में 14172 पर्यटकों ने टाइगर रिजर्व और इसमें बने चूका स्पॉट का आनंद उठाया था वहीं इस बार पर्यटकों की संख्या 17 हजार के करीब पहुंच चुकी है। पर्यटकों की आमद बढने से टाइगर रिजर्व की आमदनी भी 17.69 लाख से बढ़कर 30.12 पहुंच गई है। बुधवार (15 जून) को दिन छिपने के बाद से इसे पर्यटकों को लिए बंद कर दिया जाएगा। बुधवार को अंतिम दिन होने के कारण यहां बड़ी संख्या में पर्यटकों के आने की उम्मीद है जिससे आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद है।
जंगल में बढ़े बाघ और वन्यजीव
टाइगर रिजर्व बनने के बाद जहां पर्यटकों का रुझान इस ओर हुआ है वहीं बाघ एवं अन्य वन्यजीवों की संख्या भी बढ़ी है। वर्ष 2014 में यहां 28 बाघ थे जो 2015 में हुई गणना में बढ़कर 48 तक पहुंच गए। बाघों की संख्या के बढ़ने का अर्थ हैं कि यहां उसके भोजन अर्थात अन्य जीवों की संख्या में भी पर्याप्त बढ़ोतरी हुई है।
बारिश का सीजन शुरू होने के कारण नियमत: 15 जून से इसे बंद किया जा रहा है। पांच माह बाद 15 नवंबर को इसे फिर खोला जाएगा।
कैलाश प्रकाश, डीएफओ