ड्रोन से देखी गई बाघिन की लोकेशन
बृहस्पतिवार को डंडिया गांव में देखे जाने के बाद अफसर गंभीर हुए। वन संरक्षक पीपी सिंह, प्रभारी फील्ड डायरेक्टर रमेश चंद्रा, डीएफओ मनीष सिंह और डीएफओ भरत कुमार डीके के साथ मौके पर पहुंचे। ट्रेंकुलाइज एक्सपर्ट ने क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति देखी। ड्रोन से बाघिन की मौजूदगी देखने के बाद उसको पकड़ने की योजना बनाई गई। अनुभवी अफसर और एक्सपर्ट की मौजूदगी में घेराबंदी कर दिन भर बाघिन से दूरी बनाई गई। शाम होते ही टीमें अलर्ट हुई। फिर बाघिन को बेहोश कर पिंजरे में कैद किया गया।
दिन भर छावनी बना रहा गांव, पुलिस ने ग्रामीणों पर पाया काबू
बाघिन की मौजूदगी दिखने के बाद उसके पकड़ने की योजना बनाई गई। किसी तरह की दिक्कतें सामने न आए, इसके लिए वन अफसरों ने ग्रामीणों को रोकने के लिए पुलिस का सहयोग लिया। एसपी के निर्देश पर न्यूरिया के अलावा सुनगढ़ी व कोतवाली से भी फोर्स गांव पहुंचा। गांव में अलग-अलग हिस्सों में पुलिस तैनात की गई। इसके बाद पुलिस फोर्स ने ग्रामीणों को बाघिन की मौजूदगी वाले स्थान से पांच सौ मीटर दूर ही रोका गया।
पीटीआर के डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि बाघिन की मौजूदगी देखे जाने के बाद एक किलोमीटर दायरे में घेराबंदी की गई थी। आला अफसर और एक्सपर्ट की मौजूदगी में योजना बनाकर बाघिन को पकड़ने के प्रयास किए गए। एक डॉट में बाघिन को सफलता पूर्वक बेहोश किया गया। एहतियात के तौर में दूसरी हल्की डॉट भी दी गई। रेस्क्यू करने के बाद बाघिन को सुरक्षित स्थान पर ले जाया जा रहा है। मेडिकल टीम बाघिन के स्वास्थ्य का परीक्षण करेगी। हालांकि बाघिन स्वास्थ्य है।