बाजार में एक मिष्ठान की दुकान पर रखीं घेवर। संवाद
पीलीभीत। सावन का महीना शुरू होते ही शहर की मिठाई की दुकानों पर घेवर की खुशबू महकने लगी है। रक्षाबंधन, हरियाली तीज व सावन के सोमवार जैसे पर्वों की शुरुआत के साथ ही इस पारंपरिक मिठाई की मांग बाजार में इन दिनों कई गुना बढ़ी है। सावन के मौसम में हल्की बारिश व नमी वाला मौसम घेवर बनाने के लिए सबसे अनुकूल माना जाता है, जिसके चलते मिष्ठान कारीगर भी सबसे ज्यादा घेवर तैयार करने में लगे हैं।
सावन के मौसम को घेवर की मिठाई का मौसम भी कहा जाता है। इसमें मौसम में नमी व उचित तापमान घेवर को जालीदार, कुरकुरा और स्वादिष्ट बनाती है। इसलिए इसकी असली गुणवत्ता भी इसी मौसम में देखने को मिलती है। सावन शुरू होते ही शहर की प्रमुख मिष्ठान भंडार पर सादा, मावा, मलाई व ड्राई फ्रूट घेवर की भरपूर बिक्री हो रही है। सुबह से ही मिष्ठान की दुकानों पर ग्राहक परिवार और रिश्तेदारों के लिए घेवर खरीदने पहुंच रहे हैं।
दुकानदारों का कहना है कि सावन शुरू होने के साथ ही घेवर की मांग पहले से तीन गुना बढ़ गई है। वहीं, सबसे ज्यादा केसर ड्राई फ्रूट घेवर डिमांड में है। मिष्ठान भंडार स्वामी ने बताया सावन भर घेवर ही सबसे ज्यादा बिकने वाली मिठाई होती है। कारीगर भी इसी को तैयार करने में लगे हुए हैं। बाजार में इन दिनों घेवर के दाम 350 रुपये किलो सादा, 550 रुपये किलो ड्राई फ्रूट व 700 रुपये किलो केसर की घेवर मिल रही है। संवाद