पीलीभीत। घटनास्थल के पास ही रहने वाले पंडित निरंजन शर्मा बताते हैं कि उन्हें मौत के बाद का पूरा मंजर याद है। मौका देखकर दिल दहल गया था। बच्ची का शव देख उनकी आंखों से आंसुओं की धार बहने लगी।
उस दिन अस्पताल में उनकी पत्नी को पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई थी। वह अस्पताल से घर आ रहे थे तब तक हत्याकांड की खबर शहर में फैल चुकी थी। आसपास के लोग मौके पर एकत्र हो गए थे। पुलिस पहुंच गई थी। उन्हें किसी ने बताया कि घर के पास लोग इकट्ठे हो रहे हैं। टीकमदास चांदवानी के परिवार के चार लोगों की हत्या हो गई है। मैंने जब मौके पहुंचा तो शवों को देख दिल दहल गया। छोटी बेटी बहुत ही खूबसूरत थी। जब उसे देखा तो आंखों से आंसू नहीं थमे। उन्होंने बताया कि मृतकों के शव का पंचनामा पुलिस ने उनकी मौजूदगी में किया था। पंचनामा में वह गवाह थे। उसके बाद उन्होंने न्यायालय में अपने बयान भी दर्ज कराए।