अंतर्जनपदीय स्थानांतरित शिक्षकों ने बीएसए को ज्ञापन सौंपकर हाईकोर्ट के आदेशानुसार प्रथम नियुक्ति को ही वरीयता क्रम में जोड़ते हुए पदोन्नति का लाभ दिलाने की मांग की।
जिले में वर्ष 2011-12 और 2012-13 में करीब सौ से अधिक शिक्षक दूसरों जिलों से स्थानांतरित होकर आए थे। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने आदेश जारी कर 23 जनवरी तक परिषदीय विद्यालयों में तैनात सहायक अध्यापकों के प्रमोशन के आदेश दिए थे। इस प्रमोशन प्रक्रिया में अंतर्जनपदीय शिक्षकाें को शामिल नहीं किया गया। इस पर वंचित शिक्षकों ने हाईकोर्ट में रिट दायर की थी।
शिक्षकों के अनुसार हाईकोर्ट ने 28 जनवरी 2015 के अपने आदेश में अंतर्जनपदीय शिक्षकों को प्रथम नियुक्ति को ही वरीयता क्रम में जोड़ते हुए पदोन्नति प्रक्रिया में शामिल करने को कहा है। इस आदेश की प्रति के साथ शुक्रवार को अंतर्जनपदीय शिक्षक बीएसए से मिले और ज्ञापन सौंपकर हाईकोर्ट के आदेशानुसार पदोन्नति प्रक्रिया का लाभ दिलाने की मांग की। शिक्षकों ने हाईकोर्ट के निर्णय की प्रति भी सौंपी। जिस पर बीएसए ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
ज्ञापन सौंपने वालों में अश्वनी कुमार, रामरक्ष प्रसाद, राकेश वर्मा, कामता प्रसाद, ऋषि कुमार, मदनलाल, हरीश कुमार, पूजा, देवेंद्रपाल, खेमपाल सिंह, दिलीप कुमार, जितेंद्रपाल, मोरपाल, रामकुमार, सुरेंद्र कुमार, गौरव वर्मा आदि शामिल रहे। इधर बीएसए अंबरीष कुमार यादव ने बताया कि अंर्तजनपदीय शिक्षकोें ने हाईकोर्ट के आदेश की प्रति उपलब्ध कराई है। मामले को समिति के समक्ष रखा जाएगा। उसके बाद ही निर्णय लिया जाएगा।