पीलीभीत। डीआईओएस (जिला विद्यालय निरीक्षक) कार्यालय से जुड़े 1.01 करोड़ रुपये के गबन के मामले में नामजद चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी इल्हाम शम्सी और उसकी पत्नी अर्शी खातून प्राथमिकी दर्ज होने के बाद लापता हो गए। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। इधर, मामला शासन स्तर तक पहुंचने के बाद प्रमुख सचिव ने जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की विस्तृत आख्या तलब की है। डीएम की ओर से पूरे मामले की रिपोर्ट शासन को भेजी गई है।
विभागीय मद की रकम को अपने और पत्नी के निजी खातों में स्थानांतरित करने का आरोप झेल रहे इल्हाम शम्सी वर्ष 2015 से जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से संबद्ध था। कंप्यूटर में दक्षता के चलते वह वेतन, टोकन और अन्य अहम कार्य देख रहा था और पूरे कार्यालय में बाबू के नाम से पहचाना जाता था। जांच में सामने आया कि जून 2024 से दिसंबर 2025 के बीच आरोपी ने कुल 1,01,95,135 रुपये का लेनदेन अपनी पत्नी के खातों में किया। बैंक रिकॉर्ड के अनुसार, तीन दिसंबर 2025 को बैंक ऑफ बड़ौदा खाते में 21 एनईएफटी (नेशनल इलेक्ट्रानिक फंड ट्रांसफार) के जरिए 24.27 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए। कोषागार रिपोर्ट में भी यह पुष्टि हुई कि एनईएफटी डीआईओएस कार्यालय से संबंधित थे।
मामला ऊजागर होने पर जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने जांच बैठाई। इसके बाद कर्मचारी को निलंबित किया गया और शनिवार को डीआईओएस राजीव कुमार की ओर से कोतवाली में इल्हाम शम्सी व उसकी पत्नी के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई। एफआईआर के बाद पुलिस ने सख्ती बढ़ाई, लेकिन आरोपी दंपती भाग गए। कोतवाल सत्येंद्र कुमार ने अनुसार, आरोपियों की तलाश की जा रही है। संवाद