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बच्चों को कुपोषण से बचाएगा सुपर फूड

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सुपरफूड सप्लीमेंट की जानकारी देते जिला कार्यक्रम अधिकारी अरविंद कुमार। संवाद - फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। आंगनबाड़ी केंद्रों से गरीब बच्चों के लिए मिलने वाला पुष्टाहार अब ज्यादा पौष्टिक और प्रोटीनयुक्त होगा। कार्बोहाइड्रेट युक्त गेहूं की जगह अब उनको काले गेहूं का आटा दिया जाएगा। इसके अलावा आर्गेनिक खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराए जाएंगे। विभाग ने इसका नाम भी सुपर फूड रखा है। इसकी पहल पायलट प्रोजेक्ट के तहत मरौरी और अमरिया ब्लॉक से जल्द होगी। इसके बाद पूरे जिले के ब्लॉक में इसे लागू किया जाएगा।
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पहले सामान्यता सामान्य गेहूूं का आटा, दलिया, दाल, घी आदि खाद्य सामग्री वितरित की जाती थी। अब सुपर फूड की एक किट तैयार करके वितरित की जाएगी। खास बात यह है कि इसमें काले गेहूं का आटा और ज्यादातर खाद्य पदार्थ आर्गेनिक होंगे। इससे बच्चों को कुपोषण से बचाने में मदद मिलेगी।
स्वयं सहायता समूह को मिलेगी वितरण की जिम्मेदारी
पुष्टाहार वितरित की जिम्मेदारी पहले आंगनबाड़ी केंद्रों को दी जाती थी। अब ब्लॉक स्तर पर स्वयं सहायता समूह किट तैयार कर वितरित करेंगी। इससे समूह के सदस्यों को रोजगार भी मिलेगा।
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यह खाद्य पदार्थ होंगे
काले गेहूं का आटा घी में भुना हुआ, आर्गेनिक शहद, सूजी, तिल, बबूल, गोंद, खजूर, चीनी, सहजन, इलायची, गाय का घी, भुंजी तुलसी, सोयाबीन, काले गेहूं का दलिया, आंवला-त्रिफला का जूस, आर्गेनिक गुड़ आदि। मशरूम को इसमें जल्द जोड़ा जाएगा।
क्यों खास है काला गेहूं
सामान्य गेहूं में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा ज्यादा होती है। काले गेहूं में प्रोटीन और मिनरल्स की मात्रा ज्यादा होती है जो बच्चों के विकास में ज्यादा अहम भूमिका निभाती है।
वर्जन
मरौरी और अमरिया ब्लॉक में पायलट प्रोजेक्ट के तहत योजना शुरू कर रहे हैं। पैकेट तैयार करने का काम ब्लॉक के सहायता समूह द्वारा कराया जाएगा। बच्चों को काले गेहूं का आटा और आर्गेनिक फूड दिया जाएगा।
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- अरविंद कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी
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