पीलीभीत। परिषदीय स्कूलों में बुधवार से समर कैंप शुरू हो रहा है। इसको लेकर विभाग की ओर से तैयारी पूरी कर ली गई है। रोजाना तीन घंटे खेल-खेल में बच्चों के कौशल विकास पर जोर दिया जाएगा। शिक्षकों के साथ स्वयंसेवी भी समर कैंप में जिम्मेदारी निभाएंगे।
परिषदीय स्कूलों में सोमवार से ग्रीष्मकालीन अवकाश हो गए हैं। शासन के निर्देश पर बच्चों में कौशल विकास के लिए समर कैंप के आयोजन के आदेश जारी किए गए हैं। इसको लेकर विभाग की ओर से तैयारियां की गई हैं। रोजाना तीन घंटे तक समर कैंप के आयोजन के दौरान खेल-खेल में बच्चों को पढ़ाई से संबंधित जानकारी दी जाएगी। इसके लिए अनुदेशक और शिक्षामित्रों को जिम्मेदारी दी गई है। समर कैंप को सफल बनाने के लिए स्वयंसेवियों को भी जिम्मेदारी साैंपी गई। प्रत्येक स्कूल में दो स्वयंसेवी करीब 15 ऐसे बच्चों का चयन करेंगे, जिन्हें गणित विषय को समझने और हल करने में दिक्कत महसूस होती हो। इसके लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को भी जरूरी निर्देश दिए गए हैं। बीएसए अमित कुमार सिंह ने बताया कि सैमर कैंप के आयोजन को लेकर निर्देश दिए गए हैं। इसकी निगरानी भी की जाएगी।
समर कैंप को लेकर अनुदेशकों ने सौंपा ज्ञापन ज्ञापन
पीलीभीत। सोमवार को अनुदेशकों ने प्रदेश संगठन मंत्री प्रखर मिश्रा, जिलाध्यक्ष सुरेंद्र गंगवार के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम न्यायिक को सौंपा। इसमें कहा कि संविदा समाप्ति के उपरांत अनुदेशकों को समर कैंप की जिम्मेदारी देना, भीषण गर्मी में विद्यार्थी और शिक्षक दोनों की जान को खतरा रहेगा। किसी भी दुर्घटना के घटित होने पर विभाग को जिम्मेदारी लेना चाहिए। समर कैंप को स्वैच्छिक करना चाहिए। अनुदेशकों की संविदा 11 महीने 29 दिन की की जाए। समर कैंप के दौरान अनुदेशक की मौत होने पर विभाग से मुआवजा और उसके स्थान पर पारिवारिक सदस्य को नौकरी देने की मांग की गई। संवाद