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लाकडाउन के चलते तीन चीनी मिलें बंद होने के कगार पर

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पीलीभीत। लॉकडाउन के चलते जनपद की चार में से तीन चीनी मिलें बंद होने के कगार पर हैं। शहर की एलएच शुगर मिल को छोड़ दिया जाए तो पूरनपुर, बरखेड़ा और बीसलपुर में गन्ने की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है। बीसलपुर किसान सहकारी चीनी मिल में कोरोना की दहशत के चलते कर्मचारी काफी कम संख्या में पहुंच पा रहे हैं। वहीं, पूरनपुर में वारदाना और चूना सप्लाई बाधित हो गई है। हर साल अधिकांश चीनी मिलें अप्रैल के आखिरी दिनों या फिर मई तक बंद होती थीं। इस बार अनिश्चितता की स्थिति बन गई है।
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शहर की एलएच शुगर मिल पर फिलहाल लॉकडाउन का खास प्रभाव नहीं है। यह मिल पूरी क्षमता से गन्ना पेराई कर रही है। एलएच शुगर मिल में प्रतिदिन 1.20 लाख से 1.25 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई होती है। किसानों को गन्ने का इंडेंट भी जारी किया जा रहा है। जीएम केबी शर्मा ने बताया कि किसानों से चीनी मिल को गन्ने की आपूर्ति लगातार हो रही है। लॉकडाउन के बाद भी किसानों से गन्ना मंगवाया जा रहा है। कोरोना के चलते लॉकडाउन के बाद मिल के स्टाफ को निश्चित दूरी बनाकर काम करने को कहा गया है। बाकी सैनिटाइजर और मास्क का इस्तेमाल किया जा रहा है।
बरखेड़ा मिल में गन्ने की आपूर्ति घटी
बरखेड़ा की बजाज हिंदुस्तान चीनी मिल में गन्ने की पेराई क्षमता 70 हजार क्विंटल प्रतिदिन है। लॉकडाउन से पहले चीनी मिल में प्रतिदिन 67. 68 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई हो रही थी। अब गन्ने की आवक काफी कम हो चुकी है। गन्ने की पर्याप्त आवक न होने से चीनी का उत्पादन भी कम हो चुका है। कई क्रय केंद्रों पर किसान गन्ना नहीं ला रहे हैं। जीएम केन ललित तोमर ने बताया कि लॉकडाउन के बाद गन्ने की आपूर्ति कम हो गई है। फिर भी किसानों के हित में मिल चलाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।
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चूने और वारदाना की कमी से जूझ रही पूरनपुर चीनी मिल
पूरनपुर। किसान सहकारी चीनी मिल चूने और वारदाना की कमी से जूझने लगी है। लॉकडाउन के चलते मिल को चूना और वारदाना नहीं पहुंच पा रहा है। इसे स्थानीय स्तर पर खरीदने की योजना बनाई जा रही है। अगर सप्ताह भर के अंदर चूना और वारदाना नहीं मिले तो स्थानीय चीनी मिल समय से पहले बंद हो सकती है। चूने का उपयोग गन्ना के रस को साफ कर चीनी बनाने के लिए किया जाता है। प्रतिदिन 40 से 50 क्विंटल चूने की खपत होती है। चीनी मिल में चूना राजस्थान से मंगवाया जाता है। हर सप्ताह ट्रक से चूना पहुंचता था। वारदाना कोलकाता से मंगवाए जाते थे। लॉकडाउन के चलते राजस्थान और कोलकाता से चीनी मिल में ये दोनों चीजें नहीं पहुंच रही हैं। जीएम वीपी पांडेय का कहना है कि चूना और वारदाना का स्टाक केवल 31 मार्च तक का है।
क्रय केंद्र बंद करने का नोटिस
पूरनपुर। चीनी मिल ने गन्ना की कमी पर एक दर्जन गन्ना क्रय केंद्रों को बंद करने का पहला नोटिस जारी कर दिया है। चंदुइया, अभयपुर माधोपुर, उदयकरनपुर गन्ना क्रय केंद्र बंदी का दूसरा नोटिस जारी किया है। तीसरा नोटिस क्रय केंद्र बंद होने के बाद जारी किया जाता है।
लॉकडाउन के चलते नहीं पहुंच रहा स्टाफ
बीसलपुर। लॉकडाउन के चलते चीनी मिल स्टाफ ड्यूटी पर नहीं पहुंच पा रहा है। इससे चीनी मिल का कामकाज प्रभावित हो रहा है। पेराई सत्र में प्रतिदिन लगभग 500 कर्मचारी मिल में काम करते हैं। इनमें 10 प्रतिशत कर्मचारी मिल की आवासीय कॉलोनी में रहते हैं, इन्हें ड्यूटी पर आने में दिक्कत नहीं है। बाकी 90 प्रतिशत कर्मचारी बाहर से आते हैं, जो लॉकडाउन के बाद नहीं आ पा रहे। उन्हें पुलिस बीच रास्ते ही लौटा देती है। चीनी मिल प्रशासन ने इन कर्मचारियों को परिचय पत्र जारी नहीं किए। कुछ कर्मचारी तो छिपकर किसी तरह ड्यूटी पर पहुंच जाते है लेकिन अधिकांश नहीं पहुंच पाते हैं। मिल में आधा स्टाफ भी नहीं पहुंच पा रहा है। इससे गन्ना तौल और कारखाने के विभिन्न पटलों का काम बंद हो गया है। क्रय केंद्रों पर भी गन्ना तौल रुक गई है। जीएम एसडी सिंह ने बताया कि कर्मचारियों को परिचय पत्र जल्द जारी कर दिए जाएंगे।
पूरनपुर चीनी मिल के पास पर्याप्त चूना और वारदाना है। आगे के लिए डिमांड भेजी है। प्रमुख सचिव स्वयं मॉनिटरिंग कर रहे है। उन्होंने सारी व्यवस्था की है। जहां कमी हो, वहां बताई जाए। उसे ठीक कराएंगे। बाकी मिलों की समस्या स्थानीय स्तर पर दूर करने के प्रयास चल रहे हैं। -जितेंद्र मिश्र, जिला गन्ना अधिकारी
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