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बेसब्री से मैच का इंतजार, जीत के लिए परिवार ने किया पाठ

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पीलीभीत। टोक्यो ओलंपिक में देश की टीम की जीत के लिए मझोला के रहने वाले सिमरनजीत सिंह के परिवार वालों ने पाठ किया। उनका कहना था कि भले ही टीम इंडिया सेमीफाइनल में हार गई लेकिन उन्हें थर्ड प्लेस मैच में पदक की उम्मीद थी। जर्मनी से होने वाले मैच का उन्हें इंतजार था, जिसे जीतकर बेटे ने देश का मान बढ़ाया।
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बृहस्पतिवार को होने वाले मैच के लिए सिमरनजीत के परिवार वालों को बेसब्री से इंतजार था। बृहस्पतिवार को सिमरनजीत के ननिहाल के लोग भी उनके घर पहुंच गए और मैच देखने के लिए टीवी के आगे बैठे रहे। इंडिया की जीत के लिए परिवार वालों के साथ पाठ भी किया। मैच शुरू होने के बाद सुबह से ही परिवार वाले और रिश्तेदार टीवी पर निगाहें टिकाए रहे। रोमांचक मैच में 17 वें मिनट में सिमरनजीत ने गोल दागा तो परिवार वाले खुशी से झूम उठे। सिमरनजीत के दो गोल और एक पेनल्टी कॉर्नर बनाने के बाद परिवार वाले खुशी से झूम उठे। इंडिया की टीम ने जर्मनी को 5-4 से पराजित किया तो ढोल नगाड़ों के साथ खुशियां मनानी शुरू हो गईं। जीत के बाद सिमरनजीत के घर पर उनके रिश्तेदार और प्रशंसकों का जमावड़ा लग गया। ढोल नगाड़ों पर नाचते गाते हुए एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर जश्न मनाया गया। इस दौरान जुटे युवकों ने नारा लगाया कि मझोला के लाल ने किया कमाल, पूरे देश में मचा दिया धमाल।
मुझे फक्र है कि सिमरनजीत मेरा बेटा : इकबाल
पिता इकबाल सिंह ने बताया कि उन्हें सिमरनजीत पर गर्व है। उसने जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्हें उम्मीद थी टीम इंडिया ओलंपिक में पदक लेकर ही वापस लौटेगी। सिमरनजीत और उसकी टीम की मेहनत रंग लाई 41 साल के बाद टीम इंडिया ने हॉकी में कांस्य पदक हासिल किया है। लाल ने जिले का नहीं बल्कि प्रदेश का नाम रोशन किया है। इकबाल सिंह ने कहा कि मुझे फक्र है कि सिमरनजीत मेरा बेटा है।
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मां बोली.. वाहे गुरु की दुआ से बेटे ने जीत लिया दुनिया में सबका दिल
सिमरन की मां मंजीत कौर का कहना है बेटे ने जो कहा था उसे पूरा करके ही माना। मैच को लेकर मां मंजीत कौर, दादी गुरुमीत कौर ने इंडिया की जीत के लिए पाठ किया और वाहे गुरु से प्रार्थना की, सिमरनजीत और टीम को इच्छा शक्ति दें, ताकि वह बेहतर खेल प्रदर्शन कर इंडिया का नाम रोशन कर सके। वाहे गुरु के आशीर्वाद और इंडिया के प्रेम ने जीत दिलाई है। बेटे सिमरनजीत ने पूरी इंडिया का नाम रोशन कर दिया है।
सिमरनजीत की जीत पर नाना-नानी पहुंचे घर, जीत पर किया भांगड़ा
जर्मनी को हराकर कांस्य पदक के जीतने की खुशी में सिमरनजीत के नाना दर्शन सिंह और नानी सुखवंत कौर तड़के सुबह उसके घर पहुंच गईं। बेटी को गले लगाते हुए जीत की बधाई दी। साथ ही एक दूसरे को मिठाइयां खिलाईं। इसके बाद जीत पर नाना-नानी ने ढोल पर जमकर भांगड़ा किया। नाना दर्शन सिंह ने कहा कि सिमरन ने ननिहाल का भी नाम रोशन कर दिया। वाहे गुरु की सिमरन पर हमेशा ऐसी ही दुआ बनी रहे।
ढोल लेकर पहुंचे कस्बे के लोग, सिमरन की जीत पर पिता इकबाल के साथ किया भांगडा
जीत के बाद जहां एक तरफ सिमरन के घर और रिश्तेदारों के यहां खुशी का माहौल था। वहीं जिले ही नहीं बल्कि कस्बे में रहने वाले उसके प्रशंसक भी उत्साहित थे। उन्होंने जीत के बाद नाचते गाते सिमरन के घर पहुंचे और जमकर भांगड़ा किया। इस दौरान सिमरन के पिता ने भी भांगड़ा किया।
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